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बस्तर से तेलंगाना-आंध्र प्रदेश प्रवासित परिवारों के पुनर्वास पर हुआ मंथन

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दंतेवाड़ा । दक्षिण बस्तर के जिलों में माओवाद के चरम दौर पर भय और आतंक के चलते दंतेवाड़ा बीजापुर, सुकमा, के सीमावर्ती क्षेत्रों के हजारों परिवारों ने तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश पलायन किया था। चूंकि अब परिस्थितियां बदल चुकी है और नक्सल मुक्त बस्तर अभियान के बहुआयामी स्वरूप के संदर्भ में राज्य शासन द्वारा संवेदनशील पहल करते हुए इन प्रवासित परिवारों को पुनः उनके मूल गांवों में बसाने की मंशा से प्रवासित परिवारों का सर्वे कार्य किया गया था। इसी परिप्रेक्ष्य में आज बुधवार काे सयुंक्त जिला कार्यालय कलेक्टरेट के डंकनी सभाकक्ष में आज आयुक्त, बस्तर संभाग एवं पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज की उपस्थिति में तीन जिले के कलेक्टर सहित बस्तर संभाग से तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश में प्रवासित परिवारों के पुनर्वास के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बस्तर संभाग के सीमावर्ती क्षेत्रों से तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश में प्रवासित परिवारों के पुनर्वास को लेकर आयोजित बैठक में बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह ने विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर से प्रवासित हुए परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक सर्वे कार्य किया गया है, जिसमें संबंधित परिवारों का सहयोग प्राप्त हुआ है।
कमिश्नर सिंह ने बताया कि आयोग से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप पुनर्वास की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो प्रवासित परिवार बस्तर लौटकर पुनः बसना चाहते हैं, उनके लिए केंद्र शासन, राज्य शासन एवं संबंधित राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। साथ ही आगे कहा कि जो परिवार वर्तमान में तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश में ही निवास करना चाहते हैं, उनके लिए संबंधित राज्य सरकारों से समन्वय कर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जाएगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।बैठक में कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रवासित परिवारों से चर्चा कर उनकी सहमति के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करें, जिससे आगे की कार्यवाही सुचारू रूप से की जा सके।
बैठक में बस्तर आईजी सुन्दरराज.पी. ने कहा कि दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों के अधिकारियों द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर विस्तृत सर्वेक्षण किया गया है। इस सर्वे के माध्यम से वहां निवास कर रहे प्रवासित परिवारों की वास्तविक स्थिति, आवश्यकताओं और समस्याओं का आकलन किया गया। उन्होंने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पुनर्वास की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया जाएगा। साथ ही सभी विभागों के समन्वय से हितग्राहियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, ताकि उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन मिल सके।
दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि प्रवासित परिवारों के पुनर्वास हेतु सार्थक एवं ठोस पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में आप सभी के माध्यम से प्राप्त समस्याओं और मांगों को गंभीरता से संकलित किया जा रहा है। इन मुद्दों के समाधान के लिए पूरी टीम समन्वय के साथ कार्य करते हुए केंद्र, राज्य शासन एवं संबंधित अन्य राज्यों से निरंतर संवाद स्थापित कर रही है। कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि सभी पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने एवं उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि प्रवासित परिवारों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रशासन गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सर्वे के माध्यम से वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया है तथा हितग्राहियों को पैकेज भी प्रदान किया जा रहा है। साथ ही राज्य स्तरीय समिति में बिंदुवार समस्याएं और मांगें रखी जाएंगी, जिसमें अन्य राज्यों से जुड़े जमीन पट्टा एवं जाति-निवास प्रमाण पत्र जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल हैं।
बैठक में बीजापुर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे ने कहा कि बीजापुर के प्रवासित परिवारों के साथ एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में उनकी समस्याओं, मांगों एवं पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में प्रवासित परिवारों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं मांगों को विस्तार से जाना गया। बैठक के दौरान कई परिवारों ने बताया कि वे वर्तमान में अन्य राज्यों में निवास कर रहे हैं और वहीं स्थायी रूप से बसना चाहते हैं, जिसके लिए उन्हें जमीन का पट्टा, जाति प्रमाण पत्र तथा निवास प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत है। वहीं कुछ प्रवासित परिवारों ने अपने मूल राज्य में वापस आकर बसने की इच्छा भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें भूमि, आवास, रोजगार एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो वे पुनः अपने राज्य में रहना पसंद करेंगे। प्रशासन द्वारा सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया गया कि संबंधित समस्याओं को राज्य एवं उच्च स्तर पर रखा जाएगा तथा उचित समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इस बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एडिशनल एसपी आर.के.बर्मन सहित अन्य जिले के अधिकारी भी मौजूद थे।

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