नेशनल कोल इन्डेक्स में गिरावट के कारण रॉयल्टी में हुआ उतार-चढ़ाव – सीएम साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री व विधायक भूपेश बघेल ने पिछले दो वर्षों में राज्य के प्रमुख कोल ब्लॉकों से प्राप्त रॉयल्टी में आए उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण क्या है? क्या विभाग को ट्रांजिट पास के अवैध उपयोग और सर्वर मैनिपुलेशन के माध्यम से करोड़ों की रॉयल्टी चोरी की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो जाँच की स्थिति क्या है? का सवाल उठाया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन को बताया कि प्रदेश में एसईसीएल की कोयला खदानों से अपेक्षाकृत कम प्रेषण तथा निजी/व्यवसायिक कोयला खदान हेतु भारत सरकार द्वारा अधिसूचित नेशनल कोल इन्डेक्स में गिरावट के कारण रॉयल्टी में उतार-चढ़ाव हुआ है। ट्रांजिट पास के अवैध उपयोग और सर्वर मैनिपुलेशन के माध्यम से रॉयल्टी चोरी की कोई भी शिकायतें प्राप्त नही हुई है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नही होता है।
बघेल ने फिर सवाल किया कि कोरबा, दंतेवाड़ा और रायगढ़ जिलों में जमा डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) की राशि का कितना प्रतिशत उच्च प्राथमिकता (शिक्षा/स्वास्थ्य) के बजाय अन्य कार्यों में व्यय किया गया है? क्या केंद्र सरकार के नियमों के उल्लंघन पर किसी जिले के कलेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है? मुख्यमंत्री साय ने बताया कि कोरबा, दंतेवाड़ा और रायगढ़ जिलों में उच्च प्राथमिकता अंतर्गत शिक्षा एवं स्वास्थ्य को छोड़कर अन्य कार्यों में व्यय के प्रतिशत की जानकारी संलग्न प्रपत्र अ अनुसार है। जी नही। केन्द्र सरकार के डीएमएफ के नियमों के उल्लंघन किये जाने के आधार पर किसी जिले के कलेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी नही किया गया है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नही होता है।
भूपेश बघेल ने फिर पूछा कि वर्ष 2025 में आबंटित नवीन खनिज ब्लॉकों के लिए ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति ली गई थी? क्या यह सत्य है कि प्रभावित क्षेत्रों में जनसुनवाई के दौरान हुए विरोध के बावजूद जबरन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है? साय ने सदन को बताया कि मुख्य खनिजों के ब्लॉकों का आबंटन के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य नहीं है। जी नहीं, वर्ष 2025 में ई-नीलामी के माध्यम से आबंटित मुख्य खनिज ब्लॉकों में पर्यावरण स्वीकृति हेतु जन सुनवाई नहीं कराई गई है। अत: भूमि अधिग्रहण किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने पूछा कि राज्य में सक्रिय अवैध रेत एवं मुरूम सिंडिकेट पर लगाम लगाने हेतु विभाग ने माइनिंग सर्विलांस सिस्टम का उपयोग क्यों बंद कर दिया है? मुख्यमंत्री साय ने बताया कि विभाग द्वारा गौण खनिज रेत एवं मुरुम में माइनिंग सर्विलांस सिस्टम लागू नहीं किया गया है। इसके उपयोग को बंद किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।







