साइबर ठगों ने एनएचएआई की बनाई नकली वेबसाइट, बस्तर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

जगदलपुर। अगर आप अपने वाहन के लिए फास्ट-टेग का वार्षिक पास बनवाने या रिचार्ज करने की सोच रहे हैं तो जरा सावधान हो जाइए। साइबर ठगों ने अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ( एनएचएआई) की हुबहू नकली वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगने का नया हाईटेक तरीका अपनाया है। बस्तर पुलिस ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर क्राइम) गीतिका साहू ने बताया कि साइबर अपराधी अब गूगल सर्च और एसईओ तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी वेबसाइटों को गूगल सर्च के शीर्ष पर दिखा रहे हैं। आम लोग पहले दिखाई देने वाले लिंक को असली मानकर उस पर क्लिक कर देते हैं और यहीं से ठगी का खेल शुरू हो जाता है। ये फर्जी वेबसाइटें असली एनएचएआई पोर्टल की तरह ही डिजाइन की गई होती है। फास्ट-टेग का वार्षिक पास या फास्ट-टेग रिचार्ज जैसे कीवर्ड सर्च करते ही कई यूजर इन नकली लिंक पर पहुंच जाते हैं।
साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी विभाग किसी व्यक्तिगत नाम पर भुगतान नहीं मांगता। यदि क्यूआर कोड स्कैन करते समय किसी अन्य व्यक्ति का नाम दिखाई दे तो तुरंत भुगतान प्रक्रिया रोक दें। अधिकारियों ने सलाह दी है कि फास्ट-टेग या टोल पास से जुड़े सभी भुगतान केवल आधिकारिक ऐप या अधिकृत बैंक पोर्टल के माध्यम से ही करें। थोड़ी सी लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इन फर्जी वेबसाइटों पर फास्ट-टेग एनुअल पास के नाम पर लगभग तीन हजार रुपए का भुगतान करने के लिए कहा जाता है। भुगतान के लिए क्यूआर कोड दिया जाता है। जैसे ही व्यक्ति कोड स्कैन करता है, पैसा सरकारी खाते में जाने के बजाय सीधे साइबर अपराधियों के म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है। कई लोग कुछ ही सेकंड में अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं।
साइबर पुलिस ने इससे बचाव के लिए वेबसाइट का यूआरएल को ध्यान से जांचने की सलाह देते हुए बताया कि, स्पेलिंग में छोटी गलती भी फर्जी होने का संकेत हो सकती है। केवल अधिकृत बैंक या आधिकारिक ऐप के माध्यम से ही फास्ट-टेग बनवाएं या रिचार्ज करें। किसी भी लिंक से भुगतान करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। साइबर ठगी होने पर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करें, एवं cybercrime. gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही तुरंत अपने बैंक को सूचित करें, ताकि लेनदेन को रोका जा सके।







