मां दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा शक्तिपीठ में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन भक्तों की भीड़ उमड़ी

जगदलपुर। बस्तर की आराध्य मां दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा शक्तिपीठ में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन भक्तों की जबरदस्त भीड़ उमड़ी रही है। दूर दराज से भक्त देवी के दर्शन के लिए पहुंचे हैं। सुबह भीड़ थोड़ी कम थी, लेकिन अब गर्भगृह से लेकर सिंह द्वार तक भक्तों की लंबी कतार लगती दिख रही है। सिर्फ बस्तर से ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी भारी संख्या में भक्त माता के दर्शन करने के लिए पहुंचे हुए हैं।
मंदिर परिसर में लगे करीब 24 से ज्यादा सीसीटीव्ही कैमरों से मंदिर की हर एक गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भंडारा, दर्शन, पार्किंग और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं पहले से ही की गईं हैं। दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी लोकेंद्र नाथ जिया ने बताया कि आज 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है, जो 27 मार्च तक चलेगी। शारदीय नवरात्रि की अपेक्षा चैत्र नवरात्रि में भीड़ थोड़ी कम रहती है, बावजूद इसके भक्तों के लिए सारी व्यवस्थाएं की गईं हैं। भक्तों के लिए खिचड़ी भोग, भंडारा का भी आयोजन किया जाएगा। मां दंतेश्वरी की 9 दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना होगी।
मां दंतेश्वरी के मंदिर दंतेवाड़ा शक्तिपीठ में इस बार घी-तेल के आस्था के करीब 5 हजार ज्योत जलाने का लक्ष्य रखा गया है। नवरात्र से पहले कई भक्तों ने ऑनलाइन बुकिंग भी करवाई है। मंदिर समिति ने बताया कि पिछली बार चैत्र नवरात्रि में घी के 900 आस्था के ज्योत जले थे। इस बार 1000 जलाने का लक्ष्य था। वहीं पिछली बार तेल के 3000 ज्योत जले थे, जिसे बढ़ाकर 4000 तेल के ज्योत जलवाने का लक्ष्य रखा गया था। वहीं कोई भी भक्त यदि मंदिर में भंडारा करवाना चाहते हैं तो उसके लिए सिर्फ खीर के लिए 5100 रुपए, सिर्फ हलवा के लिए 11000 रुपए, हलवा-पूड़ी के लिए 21000 रुपए और हलवा, पूड़ी और सब्जी के लिए 51000 रुपए निर्धारित किए गए हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला में डबल बेड रूम का किराया 200 रुपए रखा गया है, जबकि अतिरिक्त व्यक्ति के लिए 50 रुपए देने होंगे। सामान्य हॉल में रुकने के लिए 40 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क तय किया गया है। 10 ग्राम चांदी का सिक्का पिछले साल 2100 रुपए में मिल रहा था, जिसे इस बार बढ़ाकर 4100 रुपए कर दिया गया है। मंदिर में व्हीआईपी दर्शन की व्यवस्था भी रहेगी, जिसके लिए 500 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क तय किया गया है। व्हीआईपी दर्शन करने जाने वाले पुरुष श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में प्रवेश के दौरान धोती अनिवार्य रहेगी, जो मंदिर परिसर में उपलब्ध रहेगी। वहीं महिलाओं को सलवार सूट या साड़ी पहनकर ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।







