छत्तीसगढ़ में CMDC-NMDC से खनन, रोजगार और राजस्व बढ़ेगा

छत्तीसगढ़ में CMDC-NMDC के संयुक्त उपक्रम के तहत बैलाडिला डिपॉजिट 4 और 13 में 2026 से उत्पादन शुरू होगा, जिससे राज्य को 7 हजार करोड़ रुपए और CMDC को 3 हजार करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त होगा। यह परियोजना क्षेत्र में रोजगार और विकास के नए अवसर भी खोलेगी। CMDC वर्तमान में टिन, बाक्साइट, लौह अयस्क, कॉपर, हीरा, मैग्नीज, कोरंडम, डोलोमाइट और कोयले सहित 9 खनिजों के खनन, मार्केटिंग और अन्वेषण में सक्रिय है। विशेष रूप से अनुसूचित जनजातियों को टिन अयस्क बेचने के लिए ऑनलाइन भुगतान प्रणाली लागू की गई है। बलरामपुर में सैग्नीज और ग्रेफाइट के अन्वेषण से उत्साहजनक परिणाम मिले हैं और कोल इंडिया के साथ मिलकर क्रिटिकल मिनरल के खनन पर समझौता किया गया है। CMDC ने पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के जरिए लौह अयस्क और बॉक्साइट की बिक्री में नए मानक स्थापित किए हैं, जिससे राज्य को करोड़ों रुपये का राजस्व मिला है। भविष्य में नए उत्पादन और परियोजनाओं से राजस्व और रोजगार में और वृद्धि की संभावना है। इसके अलावा, कोरण्डम कटिंग और पॉलिशिंग के प्रशिक्षण से स्थानीय लोगों को जीविकोपार्जन के अवसर भी मिलेंगे। कुल मिलाकर, CMDC-NMDC के संयुक्त उपक्रम से छत्तीसगढ़ में खनिज आधारित उद्योग, रोजगार और राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।







