पर्यावरण संरक्षण के दावों पर सवाल, विंध्यनगर में पेड़ काटे गए

सिंगरौली जिले के विंध्यनगर में स्थित एशिया के सबसे बड़े थर्मल पावर प्लांट, एनटीपीसी, पर पर्यावरणीय लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पहले लगाए गए हजारों पेड़ों को अब सोलर प्लांट लगाने के लिए काटा जा रहा है। विंध्यनगर से उत्तर प्रदेश के शक्तिनगर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग के किनारे एनटीपीसी की जमीन पर पहले प्रदूषण नियंत्रण और हरित पट्टी विकसित करने के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया था, लेकिन अब वही पेड़ काटे जा रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक जुआड़ी, जयनगर और तेलगवां क्षेत्र पहले से ही प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। एनटीपीसी से निकलने वाली फ्लाई ऐश की ढुलाई के दौरान नियमों की अनदेखी भी लंबे समय से हो रही है। तेज हवा और आंधी के दौरान फ्लाई ऐश आसपास के गांवों तक उड़कर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर असर डालती है। स्थानीय लोग सवाल कर रहे हैं कि पर्यावरण संरक्षण के दावों के बीच नियमों की अनदेखी क्यों हो रही है और क्या संबंधित विभाग इस पर कोई ठोस कार्रवाई करेगा।







