चिटफंड कंपनी ने 1.5 करोड़ रुपये लेकर फरार, 300 से अधिक निवेशक परेशान

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एलजेसीसी नाम की चिटफंड कंपनी कई साल तक चली और 300 से अधिक लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की रकम लेकर अचानक गायब हो गई। कंपनी ने लोगों को तीन साल में रकम दोगुनी करने और एफडी पर मोटा ब्याज देने का झांसा दिया। निवेशकों को फंसाने के लिए छह-छह महीने की एफडी करवाई गई और एजेंटों को मोटा मानदेय दिया गया।
कंपनी का कार्यालय वनखंडी रोड, वनखंडी महादेव मंदिर के पास था। कंपनी का मालिक समीर अग्रवाल बताया जा रहा है, जबकि मुरैना में संचालक रामकुमार शर्मा उर्फ राजू सफर और मैनेजर भगवान सिंह कुशवाह, अरविंद सिंह कुशवाह, राजेश कुशवाह और अरविंद त्रिपाठी सभी लापता हैं। कई निवेशक अब एसपी ऑफिस में शिकायत लेकर अपना पैसा वापस पाने की गुहार लगा रहे हैं।
कुछ एजेंटों ने खुद भी निवेश किया और दूसरों से रकम जमा करवाई। उदाहरण के लिए, प्रहलाद प्रजापति ने 50 लोगों के आठ लाख रुपये जमा करवाए, जबकि अजय राठौर ने 100 से अधिक लोगों के 90 लाख रुपये जमा करवाए। अजय ने कहा कि निवेशकों का दबाव इतना है कि कभी-कभी आत्महत्या का ख्याल आता है। अन्य एजेंटों में भगवती प्रजापति, विनोद रामपुरी, सतीश शाक्य और मनीष प्रजापति शामिल हैं, जिन्होंने लाखों रुपये लोगों से जमा करवाए।







