दुर्लभ खनिजों पर सीमा शुल्क में कटौती का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा – साव

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रविवार को संसद में प्रस्तुत बजट प्रस्ताव को जनकल्याणकारी बताते हुए कहा कि विकसित भारत की रचना में सबका साथ, सबका विकास की भावना को केंद्र में रखा गया है। बजट प्रस्ताव में छत्तीसगढ़ का विशेष ध्यान रखे जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार मानते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए इस बजट की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा जनजातीय समुदायों के स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़ी है।
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सहित 8 राज्यों में जनजातीय स्वास्थ्य वेधशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में पीवीटीजी बस्तियों को जोडऩे के लिए सड़क निर्माण हेतु अतिरिक्त बजटीय आवंटन किया गया है। राज्य के जनजातीय स्कूलों में खेल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए वार्षिक रूप से खेल हब विकसित किए जाएंगे। इसी प्रकार राज्य में खनिज परिवहन और यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए रेलवे को प्राथमिकता दी गई है। श्री साव ने कहा कि ‘धान के कटोरेÓ के रूप में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए केंद्र और राज्य की साझा योजनाओं पर भी जोर है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में 8 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास के निर्माण के लिए केंद्रीय सहायता का हिस्सा बढ़ाया गया है। राज्य के किसानों को डिजिटल रजिस्ट्री से जोडऩे के लिए ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चरÓ मिशन को यहाँ तेजी से लागू किया जाएगा। दुर्लभ खनिजों पर सीमा शुल्क में कटौती का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के खनन उद्योगों को मिलेगा, जिससे राज्य में निवेश की संभावनाएँ बढ़ेंगी।







