छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर रोक, भर्ती सुधार की दिशा में बड़ा कदम

राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इस बैठक में कैबिनेट ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026 को मंजूरी दी, जिससे प्रदेश में धर्मांतरण पर रोक लगेगी और इसे इसी सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल विधेयक 2026 के प्रारूप को भी अनुमोदित किया। राज्य में सरकारी भर्तियों के लिए मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग और व्यापमं के माध्यम से करीब 30 तरह की परीक्षाएं आयोजित होती हैं। नए प्रस्ताव के तहत इन परीक्षाओं को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर समान योग्यता वाले पदों के लिए एक संयुक्त परीक्षा कराने की योजना है। इसी तर्ज पर सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग के मॉडल पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल गठित करने का फैसला लिया है। साथ ही, भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 लाने की भी तैयारी की जा रही है। इन कदमों से प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और धर्मांतरण पर रोक लगाने का लक्ष्य रखा गया है।







