छत्तीसगढ़ महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समृद्ध दूसरा दिन

रायपुर। शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय में आयोजित त्रि-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का दूसरा दिवस अत्यंत समृद्ध रहा, जिसमें देश-विदेश के विद्वानों, शोधार्थियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। संगोष्ठी में भारतीय ज्ञान प्रणाली, आधुनिक डिजिटल तकनीक, ब्लॉकचेन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल मानविकी जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। श्रीलंका के डॉ. एन. राजेश्वरन ने आधुनिक लेखांकन में नई तकनीकों का महत्व बताया, जबकि प्रो. चित्तरंजन कर ने भारतीय ज्ञान परंपराओं और उनके समकालीन उपयोग पर प्रकाश डाला। आईआईटी नवीन रायपुर के निदेशक प्रो. ओ. पी. व्यास ने डिजिटल मानविकी के माध्यम से प्राचीन ग्रंथों और संस्कृत अध्ययन के वैश्वीकरण में योगदान पर चर्चा की। कला, विज्ञान, वाणिज्य और विधि संकायों में 100 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें गणित, खगोल, आयुर्वेद, सार्वजनिक नीति और पर्यावरण जैसे विषय शामिल थे। संगोष्ठी में सामाजिक कार्यकर्ता विवेक सक्सेना ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में भारतीय ज्ञान प्रणाली की प्रासंगिकता पर व्याख्यान दिया। प्राचार्य प्रो. तपेश चंद्र गुप्ता ने सभी विद्वानों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए तीसरे दिवस के कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और इस आयोजन को भारत में ज्ञान और विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बताया।






