छग विस का बजट सत्र 23 से, 24 को वित्त पेश करेंगे बजट, 15 बैठकों में 1437 सवालों पर होगी चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का अष्टम बजट सत्र 23 फरवरी यानी सोमवार से आरंभ हो रहा है और इसी दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगे और दूसरे दिन 24 फरवरी को अपना बजट पेश करेंगे। यह सत्र 20 मार्च तक चलेगा जिसमें कुल 15 बैठकें प्रस्तावित है और इस दौरान 1437 सवालों पर चर्चा की जाएगी। इस सत्र के बीच में होली भी आ गई है,लिहाज़ा हंगामेदार होने के साथ-साथ होली का रंग भी बजट सत्र में नजर आने की संभावना है। उक्त जानकारी विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी।
उन्होंने बताया कि सत्र की शुरूआत 23 फरवरी को पूर्वान्ह 11.05 बजे राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से होगी। राज्यपाल के अभिभाषण के कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर सभा में 25 फरवरी को चर्चा होगी। इस दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी बजट पेश करने से पहले राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगे। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय दीनदयाल सिंह पोर्ते, अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य के निधन उल्लेख के साथ सत्र की शुरुआत होगी। इसके उपरांत वित्तीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि मंगलवार, 24 फरवरी को अपरान्ह 12.30 बजे वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी वर्ष 2026-2027 के आय व्ययक का उपस्थापन अर्थात बजट पेश करेंगे। 26 एवं 27 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक पर सामान्य चर्चा होगी। जबकि 9 से 17 मार्च तक सभा में विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा की जाएगी। 17 मार्च को आय-व्ययक की मांगो से संबंधित विनियोग विधेयक का पुर:स्थापन होगा। इसके अलावा आय-व्ययक की मांगो से संबंधित विनियोग विधेयक पर चर्चा एवं पारण हेतु 18 मार्च की तिथि निर्धारित की गई है। विधि विषयक कार्य हेतु अभी तक शासकीय विधि-विषयक कार्यों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026, छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026, प्रश्न,स्थगन एवं ध्यानकर्षण सूचनाएं समेत विधेयकों की सूचनाएँ प्राप्त हुई हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक प्राप्त प्रश्नों की तारांकित प्रश्नों की कुल संख्या इस सत्र के लिए कुल 2813 सूचनायें सदस्यों से प्राप्त हुई है, जिनमें 1437 सवाल आए है, अतारांकित प्रश्नों की कुल संख्या 1376 है जबकि 61 सूचनायें ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि नियम 139 के अधीन अविलंबनीय लोक महत्व के विषय पर चर्चा के लिए सिर्फ 01 सूचना मिली है। इसी तरह अशासकीय संकल्प की कुल 13 सूचनायें, शून्यकाल की 9 सूचनायें और याचिका की 112 सूचनायें भी प्राप्त हुई है।







