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19-09-2020
किसानों की चिंता है तो हरेक फसल का ज्यादा से ज्यादा समर्थन मूल्य घोषित करे मोदी सरकार : राजेंद्र साहू    

दुर्ग। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री राजेंद्र साहू ने केंद्र सरकार के कृषि विधेयक को किसान विरोधी बताते हुए कहा है कि इससे देश के लाखों किसानों को जबर्दस्त आर्थिक नुकसान होगा। राजेंद्र ने कहा कि यह विधेयक किसान विरोधी होने के साथ-साथ जनविरोधी भी है। कृषि विधेयक से कार्पोरेट घराने मुनाफा कमाएंगे जबकि किसान एग्रीमेंट के जाल में फंस जाएंगे। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य तक नहीं मिल पाएगा। राजेंद्र साहू ने कहा कि इस विधेयक के लागू होने पर कार्पोरेट घराने किसानों से एग्रीमेंट करेंगे। किसानों की फसल या उपज खरीदकर पूंजीपति घराने जमाखोरी करेंगे। भरपूर भंडारण करने के बाद कालाबाजारी भी करेंगे और मुनाफा कमाएंगे। कार्पोरेट घरानों के शिकंजे में आने से किसानों को अपनी खेती की जमीन से भी वंचित होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां और कृषि उपज मंडी किसानों को संबल प्रदान करते हैं। केंद्र सरकार के विधेयक से सहकारी समिति संस्था और मंडी व्यवस्था धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी। कृषि विधेयक के आने से सहकारी समितियों के माध्यम से बीज-खाद खरीदी और नगद ऋण लेने की व्यवस्था के साथ समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। राजेंद्र साहू ने कहा कि अगर मोदी सरकार को वास्तव में किसानों की फिक्र है और किसानों को सही मायनों में लाभ पहुंचाना चाहते हैं तो किसानों की हर फसल का समर्थन मूल्य ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने का साहसिक फैसला करें। पूरे देश में किसानों की हर फसल की खरीदी बढ़े हुए समर्थन मूल्य पर करने से संबंधित विधेयक लाएं। केंद्र सरकार किसान विरोधी कृषि विधेयक लाकर किसानों और देशवासियों पर कुठाराघात करने वाले फैसले लेना बंद करे।

 

 

19-09-2020
राज्य सरकार करे लॉकडाउन को लेकर सभी वर्ग से संवाद,प्रदेश में एक साथ हो 15 दिनों तक लॉकडाउनः कौशिक

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के भयावह स्वरूप को लेकर प्रदेश सरकार को लगातार आगाह कर रहे हैं,लेकिन प्रदेश सरकार कोरोना को लेकर गंभीर ना ही पहले थी न वर्तमान में है। कोरोना के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिये प्रदेश की सरकार को सभी वर्ग से चर्चा करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उद्योगपति, व्यापारियों और आमजनों से वर्तमान हालत पर सरकार को चर्चा कर के पूरे प्रदेश में एक साथ ही लॉकडाउन लगाने पर उचित कदम उठाना चाहिये। उन्होंने कहा कि जिलावार लॉकडाउन लगाये जाने के बजाय पूरे प्रदेश में एक साथ ही लागू किया जाना चाहिये। वही इस समय पर लॉकडाउन को लेकर सारा कमान प्रदेश सरकार को अपने हाथों पर लेना चाहिये।  इसके साथ ही दो सप्ताह के लिये लॉकडाउन लगाने की जरूरत है ताकि कोरोना के हो रहे लगातार विस्तार की गति पर विराम लग सके। एक सप्ताह का लॉक डाउन पर्याप्त समय नही है। इसके सार्थक परिणाम भी नही आयेंगे। उन्होंने कहा प्रदेश में सक्रिय केस की संख्या को प्रदेश सरकार छुपा रही है। इसके चलते स्थिति और बिगड़ती जा रही है। अब हालत तो यहां तक बिगड़ चुके हैं कि मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए भी विवाद होने लगे हैं। वहीं प्रदेश में परिस्थियां बेहतर हो इसके लिये भी कोई कारगर कोशिशे नही जा रही हैं। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि प्रदेश में पहले ही लॉक डाउन लग जाना चाहिये था।

समय रहते कोरोना पर अंकुश लगाने के लिये ठोस पहल की जाती और लॉकडाउन लगा दिया जाता तो जो हालत बिगड़ते जा रहे हैं वो काबू में किया जा सकता था। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि कोरोना पर अंकुश लगाने के लिये समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है लेकिन इस दिशा मे प्रदेश सरकार की ओर से कोई पहल नही की जा रही है। इस समय पर सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लेना चाहिये। लेकिन एक समय सामाजिक संस्थाओं ने सहयोग देना चाहा तो प्रदेश सरकार ने इस पर रूचि नही दिखाई। इसके कारण सामाजिक संगठनों का फिर जुड़ाव नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 1 सितंबर की स्थिति में सक्रिय मरीज़ 15,533 थे वहीं 19 सिंतबर की  स्थिति में 36,580 सक्रिय केस के साथ  सातवें स्थान  पर हैं। मौत के मामले पर 17 वें स्थान पर और जांच के मामले पर 20वें स्थान पर हैं। इसके साथ ही एक्टिव केस के प्रतिशत  मामले में भी 44.8 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान पर हैं। अगर रिकवरी संख्या मामले में देखें तो 19वें स्थान पर हैं परंतु रिकव्हरी अनुपात के मामले में अभी भी छत्तीसगढ़ 54.4 प्रतिशत के साथ सबसे नीचे 35 वे नंबर पर स्थित है, जो चिंता की बात है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में एक साथ लॉकडाउन को दो सप्ताह तक किये जाने पर तत्काल विचार किया जाना चाहिये।

 

19-09-2020
मंत्री सिंहदेव ने वीडियो संदेश जारी कर कहा 'यह सेवा का समय है न कि हड़ताल का'

रायपुर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने हड़ताल पर जाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों के फैसले को गलत बताया है। एक वीडियो संदेश जारी कर मंत्री सिंहदेव ने हड़ताल वापसी की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सरकार नियमितिकरण का वादा पूरा करेगी। हड़ताल पर जाने में गंभीर रोगी परेशान होंगे। यह सेवा का समय है न कि हड़ताल का है। गौरतलब है कि प्रदेश के 13 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर कोरोना संकट के बीच शनिवार से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इन कर्मचारियों में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन समेत अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं। मंत्री सिंहदेव ने वीडियो अपलोड कर स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि मैं छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के सभी संविदाकर्मियों से निवेदन करना चाहता हूं, मैंने सुना है कि आप लोगों का निर्णय है अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का। अब देखना यह होगा कि क्या स्वास्थ्य मंत्री की अपील का स्वास्थ्य कर्मचारियों का निर्णय क्या होगा।

19-09-2020
3 दिनों में मरवाही में बिजली कटौती बंद नहीं हुई तो आमरण अनशन करूंगा : अमित जोगी

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की है। अमित ने कहा है कि,मरवाही में बिजली कटौती ने विकराल रूप धारण कर लिया है। 24 घंटों में मात्र 2-3 घंटे ही बिजली रहती है।जितना राज्य सरकार का पूरे छत्तीसगढ़ में कोरोना से लड़ने के लिए कुल बजट है, उस से 4 गुना ज़्यादा की तो वो अकेले मरवाही में उनके पिता अजीत जोगी के स्वर्गवास के बाद- घोषणाएं कर चुकी है। इन चुनावी घोषणाओं का क्या मतलब जब सरकार यहां के लोगों को बिजली जैसी मूलभूत सुविधा देने में विफल है। मुख्यमंत्री खुद बिजली विभाग के भी मंत्री हैं,लेकिन पिछले 20 सालों में मरवाही में कभी भी इतना अंधेरा नहीं छाया है। अमित ने कहा है कि, अगर अगले 3 दिनों में मरवाही में बिजली कटौती बंद नहीं होती है तो वे अपने पारिवारिक शोक को छोड़कर आमरण अनशन पर बैठेंगे। अमित ने कहा है कि, शुक्रवार को ही उनके बड़े पापा का कोरोना से निधन हुआ है। वे सारी रस्मों और होम आइसोलेशन, दोनों को तोड़कर आमरण अनशन पर बैठेंगे। 

19-09-2020
Breaking : फूलोदेवी नेताम ने केंद्रीय वित्त मंत्री को लिखा पत्र, बकाया राशि शीघ्र देने की मांग

रायपुर। सांसद फूलोदेवी नेताम ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है। सांसद नेताम ने छत्तीसगढ को जीएसटी क्षतिपूर्ति की बकाया राशि शीघ्र जारी करने की मांग की है। छत्तीसगढ़ की बकाया राशि अप्रैल से जुलाई तक 2827 करोड़ रुपए है। अगस्त में भी छत्तीसगढ़ को कोई राशि नहीं दी गई है। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि, सांसद के पूछे गए प्रश्न के जवाब में सरकार ने कहा है कि, क्षतिपूर्ति के लिए पैसा नहीं है। सांसद ने पत्र के माध्यम से आग्रह किया है कि, सरकार अपने संसाधनों से या स्वयं ऋण लेकर राज्यों को भुगतान करें।

18-09-2020
प्रदेशभर में जांच और उपचार के नाम पर लूट जारी: संजय श्रीवास्तव 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कोरोना मामलों की जांच और इलाज में मची लूट को प्रदेश सरकार की एक और विफलता बताया है। उन्होंने कहा है कि कोरोना टेस्ट के लिए सरकार की नई गाइडलाइन के बावजूद न केवल राजधानी, अपितु प्रदेशभर में जांच और उपचार के नाम पर लूट जारी है। सरकार की नाक के नीचे राजधानी के कई बड़े निजी अस्पतालों में कोरोना का डर दिखाकर, बेड की कमी बताकर बेड मुहैया कराने, चाकू के वार से जख़्मी के इलाज के लिए लोगों से लाखों रुपए न केवल मांगे जा रहे हैं, बल्कि परिजनों को इसके लिए बाध्य तक किया जा रहा है। श्रीवास्तव ने इसे प्रदेश सरकार की कलंकित कार्यप्रणाली का नमूना बताया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि अपने तमाम दावों के ढोल पीट रही सरकार यह देखने की जरूरत महसूस नहीं कर रही है कि कोविड सेंटर्स में कोरोना के नाम पर किस कदर लूट मची हुई है। हालात अब इस बात की आशंका को बल प्रदान कर रहे हैं कि क्या प्रदेश सरकार और निजी अस्पतालों में कोई गुप्त समझौता हुआ है,जिसके चलते राजधानी समेत प्रदेशभर के निजी अस्पताल सरकार की तयशुदा गाइडलाइन के बावजूद लूट का यह खेल चल रहा है। श्रीवास्तव ने कहा है कि कोविड सेंटर्स को इस कदर नारकीय यंत्रणा का केंद्र बनाकर प्रदेश सरकार ने रख दिया है कि वहां भर्ती मरीज भागकर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या के लिए विवश हो रहे हैं और सरकार व प्रशासन अब भी अपनी झूठी वाहवाही में आत्ममुग्ध होते जरा भी नहीं लजा रहे हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों और खाली बेड्स की जानकारी हर तीन घंटे में अपडेट करने की व्यवस्था का पालन तक सरकार नहीं करा पा रही है और मरीज इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाने विवश हैं।

18-09-2020
मोदी सरकार से कोरोना काल में मदद की उम्मीद दूर की बात,बकाया 6 हजार करोड़ भी नहीं मिली : धनंजय ठाकुर

रायपुर। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव और सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि, आपदा काल में मोदी सरकार से मदद की उम्मीद करना दूर की बात है,छत्तीसगढ़ के बकाया 6 हजार करोड़ की राशि भी नहीं मिली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार आपदा काल में छत्तीसगढ़ के किसानों मजदूरों आमजनों के खातों में विभिन्न मदों से 5 हजार करोड़ से अधिक की राशि जमा कराई है। महामारी को नियंत्रित करने किए जा रहे उपायों में अब तक 554 करोड़ की राशि खर्च कर चुकी है। आगे भी महामारी नियंत्रण के उपायों में पैसों की कमी नहीं होगी। 

धनंजय ने कहा है कि महामारी काल में मोदी सरकार छत्तीसगढ़ की जनता को किसी प्रकार से सहयोग नहीं मिला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ने लॉक डाउन के कारण बंद पड़ी आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए छत्तीसगढ़ के किसान, मजदूर, महिलाएं, व्यापारी, कामकाजी महिलाएं, ठेला चालक, रिक्शा चालक, दिहाड़ी मजदूरों को मदद करने के लिए 30 हजार करोड़ की राहत पैकेज की मांग की थी, लेकिन मोदी सरकार ने अब तक मदद नहीं की है। महामारी संकटकाल से निपटने के स्वास्थ व्यवस्थाओं को और विस्तारित करने लिए 821करोड़ की राशि मांगी थी,लेकिन मात्र 85 करोड़  देकर मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के जनता के  स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रधानमंत्री मजदूर गरीब कल्याण योजना से छत्तीसगढ़ को बाहर किया गया। किसान सम्मान निधि से 25 लाख किसानों के नाम को काट दिया गया। पीएम केयर फंड में छत्तीसगढ़ के सीएसआर फंड की राशि को जबरिया जमा करवा लिया गया और पीएम केयर फंड से नाम मात्र राशि मदद की गई। ये छत्तीसगढ़ के ढाई करोड़ जनता के साथ अन्याय है। भाजपा के सांसद सभी विषयों पर मौन रहकर छत्तीसगढ़ के साथ किए जा रहे भेदभाव का समर्थन कर रहे हैं।

18-09-2020
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा-मरवाही के विकास पर भाजपा और छजका को पीड़ा क्यों ?

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक सहित भाजपा और छजका नेताओं की ओर से मरवाही में किए जा रहे विकास कार्यों को लेकर की जा रही आपत्ति पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि, मरवाही पेंड्रा के विकास पर भाजपा और छजका को पीड़ा क्यों हो रही है? मरवाही के विकास का अवसर भाजपा और छजका दोनों को मिला था। राज्य में पिछले पंद्रह सालों से भाजपा की सरकार थी। मरवाही की जनता विकास तो दूर सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी अछूती थी। मरवाही पेंड्रा गौरेला की जनता ने जिला बनाने के लिए बार-बार आवाज उठाई। जब राज्य में 9 जिलों का गठन किया गया, उस समय भी जिला बनने की सारी योग्यताओं को पूरा करने के बाद मरवाही पेंड्रा को जिला नहीं बनाया गया। मरवाही से राज्य की राजनीति के बड़ा नाम स्व. अजीत जोगी लगातार प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उसके बावजूद मरवाही से विकास कोसो दूर था।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि,अदूरदर्शी विकास की सोच में सिर्फ नए राजधानी में 8000 करोड़ खर्च करने के बजाए पूरे प्रदेश के विकास का मैप बनाया होता, तो आज राज्य के दूरस्थ कुछ इलाके पिछड़े नहीं होते। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में विकास से अछूते मरवाही जैसे इलाकों को विकसित करने का बीड़ा उठाया है। एक वर्ष पहले ही मरवाही पेंड्रा गौरेला को जिला बनाया गया।  नए जिले के लिए जिलाधीश न्यायालय भवन सहित तमाम सरकारी दफ्तर बनाए जा रहे। क्षेत्र में सड़क पुल पुलियों पहुंच मार्ग बनाए जा रहे हैं। राजनैतिक दुर्भावना से ग्रसित भाजपा के नेता इन विकास कार्यों का विरोध कर रहे। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि, भाजपा के नेता खिसियानी बिल्ली के समान खंभा नोच रहे। प्रदेश की जनता भाजपा और छजका की विकास विरोधी सोच को देख रही और समझ भी रही,आने वाले चुनाव में जनता इसका हिसाब करेगी।

18-09-2020
Video: 18 लाख की लागत से लगेंगे दिशा सूचक बोर्ड, अरुण वोरा ने किया भूमिपूजन

दुर्ग। शहर में लंबे समय से दिशा सूचक बोर्ड लगाने की मांग की जा रही थी। इस मांग को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को शहर विधायक अरुण वोरा ने 18 लाख की लागत से लगने वाले सूचना बोर्डो के लिए भूमि पूजन किया। इसकी जानकारी देते हुए वोरा ने बताया कि शहर के सौंदर्यीकरण की दिशा में कई कार्य किए जाने हैं। इसकी शुरुआत आज दिशा सूचक बोर्ड लगाने के लिए विधायक निधि से आठ लाख की लागत से कार्य का भूमिपूजन किया गया। वोरा ने यह भी कहा कि इन बोर्डों के लग जाने से शहर के बाहर से आने वाले लोगों को ज्यादा लाभ मिलेगा। वहीं और दूसरे भी निर्माण कार्य जो सौंदर्यीकरण से जुड़े हैं। उनको तत्काल करवाया जाएगा। इस दौरान उनके साथ दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल उपस्थित थे।

 

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