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24-01-2022
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के विजेताओं से किया संवाद

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के विजेताओं से सोमवार को संवाद किया। राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया गया। वहीं बच्चे अपने माता-पिता और संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के साथ अपने जिला मुख्यालय से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।  इस दौरान पीएम मोदी ने ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए डिजिटल प्रमाण पत्र विजेताओं को प्रदान किए। ये पहली बार है जब ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए प्रमाणपत्र प्रदान किए गए हैं। ये प्रमाणपत्र 2021 और 2022 के लिए पीएमआरबीपी पुरस्कार विजेताओं को दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के विजेता बच्चों की स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए इस वर्ष ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के माध्यम से 2021 और 2022 के पुरस्कार विजेताओं को प्रधानमंत्री मोदी ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस टेक्नोलॉजी की ओ से जारी किया जाने वाला प्रमाणपत्र पूरी तरह से सुरक्षित है। ये अनूठा प्रयास प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में काफी अहम है। इस दौरान पीएम मोदी ने देश के सभी बच्चों से वोकल फॉर लोकल में सहयोग करने के लिए मदद मांगी।

24-01-2022
केजरीवाल का दावा पंजाब चुनाव से पहले आप के कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र को गिरफ्तार करने वाली है ईडी

नई दिल्ली/रायपुर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने रविवार को दावा किया कि पंजाब चुनाव से पहले ईडी उनके कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने वाली है। केजरीवाल ने पत्रकारों से कहा कि 5 राज्यों में चुनाव हैं। जाहिर है कि केंद्र की सभी जांच एजेंसी सक्रिय हो रही हैं। हमें पता चला है कि कुछ दिनों में सत्येंद्र की गिरफ्तारी सकती है। सत्येंद्र ही क्यों, मेरे घर पर भी जांच एजेंसी भेजिए। मनीष सिसोदिया व भगवंत मान के यहां भी भेजिए। जब एजेंसियां आएंगी, तब मुस्कुराहट से स्वागत करेंगे।

24-01-2022
पिछले दो साल में 230 किसानों ने की खुदकुशी : धरमलाल कौशिक

रायपुर। धान खरीदी, किसान आत्महत्या और रोजगार मिशन को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि लगातार बारिश के कारण प्रदेश में धान खरीदी प्रभावित हुई है। ऐसे में एक सप्ताह का वक्त बढ़ाना काफी नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार धान खरीदी के लिए 7 या 10 दिन बढ़ाने की बजाय ये सुनिश्चित करें कि हर किसान का धान खरीदा जाए। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्र में धान में अंकुरन आने लगा हैं। किसान आत्महत्या पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि पिछले दो सालों में 230 किसानों ने आत्महत्या की है, जिनमें 60 फीसदी अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से हैं।

साथ ही रोजगार मिशन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार के पास दो साल ही बाकी है, लेकिन बात 5 सालों की कर रहे हैं। वहीं कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे ने पलटवार करते हुए कहा कि रोजगार और किसान के मुद्दे पर भाजपा 15 सालों में जो नहीं कर सकी, उसे कांग्रेस सरकार करके दिखा रही है। सरकार हर किसान से धान खरीदेगी। रोजगार मिशन का काम भी ऐतिहासिक होगा।

23-01-2022
आने वाली पीढ़ियों में नेताजी के ओजस्वी विचारों व आदर्शों को सींचने का काम करेगा: अमित शाह

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत की स्वतंत्रता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अतुलनीय योगदान को चिरस्मरणीय बनाए रखने हेतु उनकी जयंती को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा देशभर में ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने को अभिनव कार्य बताया है। ट्वीट्स के माध्यम से केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत की स्वतंत्रता में नेताजी के अतुलनीय योगदान को चिरस्मरणीय बनाए रखने हेतु उनकी जयंती को देशभर में ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने का अभिनव कार्य किया है। यह आने वाली पीढ़ियों में नेताजी के ओजस्वी विचारों व आदर्शों को सींचने का काम करेगा।”

            अमित शाह ने कहा “आजादी के महानायक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन करता हूँ। उन्होंने अपने असाधारण देशप्रेम, अदम्य साहस व तेजस्वी वाणी से युवाओं को संगठित कर विदेशी शासन की नींव हिला दी। मातृभूमि के लिए उनका अद्वितीय त्याग, तप व संघर्ष सदैव देश का मार्गदर्शन करता रहेगा।”

23-01-2022
पहली बार, पुरस्कार विजेताओं को ब्लॉकचैन प्रौद्योगिकी के उपयोग के जरिये डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किये जायेंगे

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 जनवरी, 2022 को दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत करेंगे। ब्लॉकचैन प्रौद्योगिकी के उपयोग के जरिये वर्ष 2022 और 2021 के पीएमआरबीपी पुरस्कार विजेताओं को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। पुरस्कार विजेताओं को प्रमाण पत्र देने के लिए पहली बार इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

भारत सरकार नवाचार, सामाजिक सेवा,शैक्षिक योग्यता, खेल, कला एवं संस्कृति और बहादुरी जैसी छह श्रेणियों में बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धि के लिए पीएमआरबीपी पुरस्कार प्रदान करती है। इस वर्ष, बाल शक्ति पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों के तहत देश भर से 29 बच्चों को पीएमआरबीपी-2022 के लिए चुना गया है। पुरस्कार विजेता हर साल गणतंत्र दिवस परेड में भी भाग लेते हैं। पीएमआरबीपी के प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए जाते हैं। नकद पुरस्कार पीएमआरबीपी 2022 विजेताओं के खातों में अंतरित किये जायेंगे।

23-01-2022
20 मंजिला इमारत में लगी आग से हुई मौतों पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुंबई के ताड़देव स्थित इमारत में आग लगने से हुई लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

उन्होंने जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को पीएमएनआरएफ से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दिए जाने की भी मंजूरी दी। घायल व्यक्तियों में से प्रत्येक को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

 

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया:

"मुंबई के ताड़देव स्थित इमारत में आग लगने की घटना से दुखी हूँ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायल व्यक्तियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना

मुंबई के ताड़देव स्थित इमारत में आग लगने की घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को पीएमएनआरएफ से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायल व्यक्तियों में से प्रत्येक को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

23-01-2022
मध्यप्रदेश में सैकड़ों की संख्या में उर्दू-फारसी शब्दों से भरी पुलिस की डायरी खाकी से होगी मुक्त

इंदौर/रायपुर। पुलिस मामले में इस्तगासा पेश करेगी, थाना हाजरा होना पड़ेगा, केस का मश्रुका लाखों में है, रोजनामचे में दर्ज करना होगा। ये हैं पुलिस डायरी के वे शब्द जो आमतौर पर लोगों की समझ से परे हैं। एक-दो नहीं सैकड़ों की संख्या में उर्दू-फारसी शब्दों से भरी रहती है पुलिस की डायरी। अब ऐसा नहीं होगा। इंदौर के पहले कमिश्नर ऑफ पुलिस (सीपी) इसमें बदलाव के लिए काम कर रहे हैं। वैसे तो पुलिस एक्ट 1861 का है और अब तक सारी कार्रवाई उसी के तहत संचालित हो रही है। कई बार तो ऐसे शब्द आम लोगों के सामने आते हैं जो वे समझ ही नहीं पाते और केस उल्टा पड़ जाता है। पुलिस ने समय के साथ एक्ट में बदलाव तो किए लेकिन अंग्रेजों द्वारा पुलिस एक्ट में इस्तेमाल किए गए शब्दों को बदला नहीं गया।

23-01-2022
परिसीमन के बाद जम्मू-कश्मीर में होंगे चुनाव: अमित शाह

नई दिल्ली/रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में मौजूदा परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा चुनाव होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में स्थिति सामान्य होने पर इसे राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद यहां आंतकी घटनाओं में 40 प्रतिशत और मौतों में 57 प्रतिशत की कमी आई है।

23-01-2022
188 गोठानों में दाल और 148 में होगी तेल मिल की स्थापना

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों, गोठान समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को 4 करोड़ 21 लाख रुपए की राशि का ऑनलाइन भुगतान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार की गोधन न्याय योजना को पूरे देश में एक आदर्श योजना के रूप में स्वीकार किया है। इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के राजपथ पर गोधन न्याय योजना की झांकी देश दुनिया के लोग देखेगें। गांवों में स्थापित गोठानों में आजीविका के साधनों को बढ़ाने रुरल इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे है। प्रथम चरण में राज्य के 148 गोठानों में तेल मिल और 188 गोठानों में दाल मिल की स्थापना की जा रही है। इस मौक पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थकोमल परदेशी, गोधन न्याय योजना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य मौजूद थे।

अब तक 122 करोड़ 17 लाख का भुगतान: गोबर खरीदी की एवज में अब तक गोपालकों को 122 करोड़ 17 लाख रुपए का भुगतान किया गया है।

23-01-2022
प्रधानमंत्री ने प्रमुख सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों के साथ बातचीत की

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के माध्यम से प्रमुख सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर बातचीत की।

जिलाधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए जिससे कई संकेतकों पर उनके जिलों के कार्य निष्पादन में सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री ने उनसे उन प्रमुख कदमों और उस प्रयास में उनके सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में सीधे तौर पर फीडबैक मांगा, जिनके परिणामस्वरूप जिलों में सफलता मिली है। उन्होंने उनसे यह भी पूछा कि आकांक्षी जिलों के कार्यक्रम के तहत काम करना उनके पहले किए गए काम से कैसे अलग है। अधिकारियों ने बताया कि किस प्रकार जनभागीदारी इस सफलता के पीछे एक महत्वपूर्ण घटक रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे उन्होंने अपनी टीम में काम करने वाले लोगों को दैनिक आधार पर प्रेरित किया और इस भावना को विकसित करने का प्रयास किया कि वे नौकरी नहीं कर रहे हैं, बल्कि एक सेवा कर रहे हैं। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और डेटा द्वारा संचालित शासन के लाभों के बारे में भी बताया।

नीति आयोग के सीईओ ने एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम की प्रगति तथा कार्यान्वयन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम किस प्रकार टीम इंडिया की भावना से प्रेरित प्रतिस्पर्धी और सहकारी संघवाद से लाभान्वित हुआ। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप इन जिलों ने हर पैरामीटर में उल्लेखनीय रूप से बेहतर निष्पादन किया है। यह एक ऐसा तथ्य है, जिसे वैश्विक विशेषज्ञों द्वारा भी स्वतंत्र रूप से मान्यता दी गई है। बिहार के बांका से स्मार्ट क्लासरूम पहल, ओडिशा के कोरापुट में बाल विवाह को रोकने के लिए मिशन अपराजिता जैसे सर्वश्रेष्ठ कार्यों, आदि को अन्य जिलों द्वारा भी दोहराया गया। जिले के प्रमुख अधिकारियों के कार्यकाल की स्थिरता के साथ-साथ जिलों के निष्पादन का विश्लेषण भी प्रस्तुत किया गया।

ग्रामीण विकास सचिव ने आकांक्षी जिलों में किये गये केन्द्रित कार्यों की तर्ज पर चयनित 142 जिलों के उत्थान के मिशन पर प्रस्तुतीकरण दिया। इन चिन्हित जिलों के उत्थान के लिए केंद्र तथा राज्य मिलकर काम करेंगे ताकि अल्प विकास वाले क्षेत्रों की समस्याओं का हल किया जा सके। 15 मंत्रालयों और विभागों से जुड़े 15 क्षेत्रों की पहचान की गई। इन क्षेत्रों में, प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (केपीआई) की पहचान की गई। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चयनित जिलों में केपीआई अगले एक वर्ष में राज्य के औसत से अधिक हो और वे दो वर्षों में राष्ट्रीय औसत के बराबर हो जाए। प्रत्येक संबंधित मंत्रालय/विभाग ने केपीआई के अपने सेट की पहचान की है, जिसके आधार पर जिलों का चयन किया गया था। इस पहल का उद्देश्य सभी हितधारकों के साथ मिलकर जिलों में विभिन्न विभागों द्वारा मिशन मोड में विभिन्न योजनाओं की पूर्णता के लक्ष्य को प्राप्त करना है। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों ने इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उनके मंत्रालयों के प्रयासों के बारे में एक कार्ययोजना प्रस्तुत की।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दूसरों की आकांक्षाएँ, अपनी आकांक्षाएँ बन जाएँ, जब दूसरों के सपनों को पूरा करना अपनी सफलता का पैमाना बन जाए, तो फिर वो कर्तव्य पथ इतिहास रचता है। उन्होंने कहा कि आज हम देश के एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट - आकांक्षी जिलों में यही इतिहास बनते हुए देख रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न कारणों से ऐसी स्थिति पैदा हुई है, जहां अतीत में आकांक्षी जिले पिछड़ने लगे थे। सर्वांगीण विकास को सुगम बनाने के लिए आकांक्षी जिलों के लिए विशेष हैंड-होल्डिंग की गई। स्थिति अब बदल गई है, क्योंकि आज आकांक्षी जिले, देश के आगे बढ़ने के अवरोध को समाप्त कर रहे हैं। आप सबके प्रयासों से, आकांक्षी जिले, आज गतिरोधक के बजाय गतिवर्धक बन रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आकांक्षी जिलों में अभियान के कारण हुए विस्तार और नए स्वरूप के बारे में बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसने संविधान की संघीय भावना और संस्कृति को एक ठोस रूप दिया है, जिसका आधार केंद्र-राज्य और स्थानीय प्रशासन का टीम वर्क है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आकांक्षी जिलों में विकास के लिए प्रशासन और जनता के बीच सीधा कनेक्ट, एक इमोशनल जुड़ाव बहुत जरूरी है। एक तरह से गवर्नेंस का ‘टॉप टू बॉटम’ और ‘बॉटम  टू  टॉप’ फ़्लो और इस अभियान का महत्वपूर्ण पहलू है - टेक्नोलॉजी और इनोवेशन। प्रधानमंत्री ने उन जिलों के बारे में भी चर्चा की, जहां कुपोषण, स्वच्छ पेयजल और टीकाकरण जैसे क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी और इनोवेशन के इस्तेमाल से बहुत  अच्छी सफलता मिली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आकांक्षी जिलों में देश को जो सफलता मिल रही है, उसका एक बड़ा कारण है कन्वर्जेंस। सारे संसाधन वही हैं, सरकारी मशीनरी वही है, अधिकारी वही हैं लेकिन परिणाम अलग हैं। पूरे जिले को एक इकाई के रूप में देखने से अधिकारी को उनके प्रयासों की विशालता को महसूस करने तथा जीवन के उद्देश्य एवं सार्थक परिवर्तन लाने की संतुष्टि का एहसास होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 4 सालों में देश के लगभग हर आकांक्षी जिले में जन-धन खातों में 4 से 5 गुना की वृद्धि हुई है। लगभग हर परिवार को शौचालय मिला है, हर गाँव तक बिजली पहुंची है। उन्होंने कहा कि बिजली सिर्फ गरीब के घर में नहीं पहुंची है बल्कि लोगों के जीवन में ऊर्जा का संचार हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कठिन जीवन के कारण आकांक्षी जिलों के लोग अधिक मेहनती, साहसी और जोखिम लेने में सक्षम हैं और इस ताकत को पहचाना जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आकांक्षी जिलों ने ये साबित किया है कि इंप्लीमेंटेशन में साइलो खत्म होने से, संसाधनों का ऑप्टिमम यूटिलाइजेशन होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साइलो जब खत्म होते हैं तो 1+1, 2 नहीं बनता, 1 और 1, 11 बन जाता है। ये सामर्थ्य, ये सामूहिक शक्ति, हमें आज एस्पिरेशनल डिस्टिक में नजर आती है। आकांक्षी जिलों में शासन के दृष्टिकोण पर विस्तार से बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि, सबसे पहले, लोगों से उनकी समस्याओं की पहचान करने के लिए परामर्श किया गया था। दूसरा, आकांक्षी जिलों में अनुभवों के आधार पर कार्यशैली को परिष्कृत किया गया और मापने योग्य संकेतकों, प्रगति की वास्तविक समय की निगरानी, जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और अच्छी प्रथाओं की प्रतिकृति को प्रोत्साहित किया गया। तीसरे, अधिकारियों के स्थिर कार्यकाल जैसे सुधारों के माध्यम से प्रभावी टीमों के निर्माण को प्रोत्साहित किया गया। इससे सीमित संसाधनों में भी बड़े परिणाम प्राप्त करने में मदद मिली। प्रधानमंत्री ने उचित कार्यान्वयन और निगरानी के लिए क्षेत्र के दौरे, निरीक्षण और रात्रि विश्राम के लिए विस्तृत दिशानिर्देश विकसित करने के लिए कहा।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों का ध्यान न्यू इंडिया की बदली हुई सोच की ओर दिलाया। उन्होंने कहा कि आज आज़ादी के अमृतकाल में देश का लक्ष्य है सेवाओं और सुविधाओं का शत प्रतिशत  सैचुरेशन। यानी, हमने अभी तक जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उसके आगे हमें एक लंबी दूरी तय करनी है और बड़े स्तर पर काम करना है। उन्होंने जिलों के सभी गांवों में सड़कें, आयुष्मान कार्ड, हर व्यक्ति का बैंक खाता, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, बीमा, पेंशन आवास सभी के लिए समयबद्ध लक्ष्य पर जोर दिया। उन्होंने हर जिले के लिए दो साल के विजन का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक जिला आम लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए अगले 3 महीनों में पूरे किए जाने वाले 10 कार्यों की पहचान कर सकता है। इसी तरह, इस ऐतिहासिक युग में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त करने के लिए आजादी का अमृत महोत्सव के साथ 5 कार्यों को जोड़ सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया के रूप में देश एक साइलेंट रिवॉल्यूशन का साक्षी बन रहा है। हमारा कोई भी जिला इसमें पीछे नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि डिजिटल इनफ्रास्ट्रक्चर हमारे हर गाँव तक पहुंचे, सेवाओं और सुविधाओं की डोर स्टेप डिलिवरी का जरिया बने, ये बहुत जरूरी है। उन्होंने नीति आयोग से जिलाधिकारियों के बीच नियमित बातचीत का एक तरीका तैयार करने को कहा। केंद्रीय मंत्रालयों को इन जिलों की चुनौतियों का दस्तावेजीकरण करने को कहा गया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों ने, अलग-अलग विभागों ने ऐसे 142 जिलों की एक लिस्ट तैयार की है जो विकास में इतने पीछे नहीं हैं लेकिन जिन एक-दो पैरामीटर्स पर ये अलग-अलग 142 जिले पीछे हैं, अब वहां पर भी हमें उसी कलेक्टिव अप्रोच के साथ काम करना है, जैसे हम एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट  में करते हैं। श्री मोदी ने कहा,“ये सभी सरकारों के लिए, भारत सरकार, राज्य सरकार, जिला प्रशासन, जो सरकारी मशीनरी है, उसके लिए एक नया चैलेंज है। इस चैलेंज को अब हमें मिलकर पूरा करना है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो सिविल सर्विसेस के साथी जुड़े हैं, उनसे मैं एक और बात याद करने को कहूंगा। आप वो दिन जरूर याद करें जब आपका इस सर्विस में पहला दिन था। आप देश के लिए कितना कुछ करना चाहते थे, कितना जोश से भरे हुए थे, कितने सेवा भाव से भरे हुए थे। आज उसी जज्बे के साथ आपको फिर आगे बढ़ना है।

 

 

23-01-2022
सात की जगह 15 दिन बढ़ना चाहिए धान खरीदी : बृजमोहन

रायपुर। भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के 7 दिन धान खरीदी बढ़ाने की घोषणा पर चुटकी लेते हुए कहा है कि सरकार वही करती है जो हम कहते हैं लेकिन समय पर नहीं करती है। जिसके कारण धोखा खाती है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी 7 दिन नहीं बल्कि 15 दिन बढ़ाया जाना चाहिए।

बता दें कि कि अग्रवाल पिछले कई दिनों से प्रदेश में हुई असमय बारिश से किसानों के धान भीगने तथा उनके रजिस्ट्रेशन होने में गड़बड़ी और कम्प्यूटर से किसानों का नाम डिलीट होने के साथ उनके टोकन में गड़बड़ी की शिकायत पर लगातार धान खरीदी को एक महीने बढ़ाने की बात कर रहे हैं। आज अचानक मुख्यमंत्री की ओर से धान खरीदी एक हफ्ते बढ़ाने की घोषणा हुई है।

अग्रवाल ने धान खरीदी की अवधि बढ़ाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अगर यह समय सीमा पहले बढ़ा देते तो आज के जैसी भगदड़ नहीं मचती, किसानों में धान बेचने की इतनी मारामारी नहीं होती। उन्होंने कहा कि इतना कम समय किसानों के लिए पर्याप्त नहीं होगा, इससे किसानों में और भगदड़ मचेगी। अगर सरकार ठीक से धान खरीदना चाहती है, तो कम से कम पन्द्रह दिन और धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाई जानी चाहिए।

आईएएस, आईपीएस सेवा नियम में बदलाव के मुद्दे पर मुख्यमंत्री के केन्द्र से विरोध पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिर्फ विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं। अभी सभी राज्यों से रायशुमारी चल रही है। सभी को अपनी बात कहने का हक है, लेकिन कोई भी राज्य केन्द्र का विरोध कर अपना विकास नहीं कर सकता है। सभी राज्यों की जो राय होगी उसके अनुसार ही केन्द्र निर्णय लेगा। मुख्यमंत्री का विरोध केवल अपने नंबर बढ़ाने का प्रयास भर है।

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