योजनाओं को प्राथमिकता देने वाला है बजट, कर्ज और खर्च में संतुलन बनाए रखना आवश्यक – सीए तारवानी

रायपुर। बजट 2026 मानो अंतिम व्यक्ति को भी ध्यान में रखकर बनाया गया बजट है और इसमें एक से बढ़कर एक योजनाएं हर वर्ग के हित में है लेकिन कर्ज और खर्च में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उक्त बातें सीए चेतन तारवानी ने कहीं।
उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च (26,500 करोड़ पूंजीगत व्यय) अर्थात् सरकार सड़क, पुल, औद्योगिक क्षेत्र, बिजली और शहरी विकास पर खर्च कर रही है। जिसका प्रभाव माल की ढुलाई आसान होगी, ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी,नए निवेशक राज्य में आएंगे, छोटे उद्योगों को बाजार तक पहुँच बढ़ेगी जिसका लंबे समय में उद्योगों को बड़ा फायदा।
सरकारी योजनाओं पर बड़ा खर्च (52,000 करोड़) अर्थात् सरकार सामाजिक योजनाओं पर भारी खर्च कर रही है। जिसका प्रभाव लोगों की क्रय शक्ति (खरीदने की क्षमता) बढ़ेगी,बाजार में मांग बढ़ेगी, रिटेल, एफएमसीजी, निर्माण और सेवा क्षेत्र को फायदा जो व्यापारी वर्ग के लिए सकारात्मक संकेत।
कर्ज और ब्याज बोझ
27,900 करोड़ नया कर्ज और 11,000 करोड़ ब्याज भुगतान किया जाना है। जिसका प्रभाव अगर भविष्य में कर्ज बढ़ा तो टैक्स बढ़ सकते है। उद्योगों पर अप्रत्यक्ष दबाव आ सकता है लेकिन अभी स्थिति नियंत्रण में दिख रही है क्योकि अगर कर्ज इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में लग रहा है तो ठीक है।
प्रदेश का व्यापारी टैक्स कलेक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है व्यापारियों के बीमा की भी व्यवस्था होनी चाइए थी किसान और कृषक के लिए बीमा योजना स्वागत योग्य है।







