जनपद पंचायत तखतपुर में बायोमैट्रिक व्यवस्था फेल, सीईओ के निर्देश पर हो रहा वेतन भुगतान

जनपद पंचायत तखतपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की शह पर कर्मचारियों की मनमानी उस समय उजागर हुई जब जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में अधिकांश कर्मचारी टेबल पर कार्य करते मिले, लेकिन बायोमैट्रिक अटेंडेंस जांच में सामने आया कि आधे से अधिक कर्मचारियों की बायोमैट्रिक मशीन में एंट्री ही नहीं है। चौंकाने वाली बात यह रही कि न तो बायोमैट्रिक और न ही मैन्युअल उपस्थिति रजिस्टर के आधार पर वेतन पत्रक तैयार किया जाता है, बल्कि सीईओ के निर्देशानुसार उपस्थिति दर्शाकर वेतन भुगतान किया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत है। जनपद अध्यक्ष ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे गलत प्रक्रिया बताया और निर्देश दिए कि उपस्थिति के आधार पर ही वेतन भुगतान हो। इसके बाद मनरेगा शाखा के निरीक्षण में आधे से अधिक तकनीकी सहायक अनुपस्थित पाए गए तथा उपस्थिति रजिस्टर में दो दिनों की एंट्री भी नहीं मिली, जिस पर अनुपस्थित कर्मचारियों को रजिस्टर में अनुपस्थित दर्ज करने के निर्देश दिए गए। जनपद अध्यक्ष ने यह भी बताया कि कलेक्टर के आदेश के अनुसार 1 जनवरी से बायोमैट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य है, बावजूद इसके तीन महीने बाद भी कर्मचारियों की एंट्री नहीं होना गंभीर लापरवाही या जानबूझकर की गई मनमानी को दर्शाता है। निरीक्षण के दौरान जनपद सदस्यों ने भी सीईओ के रवैये पर सवाल उठाते हुए इसे तानाशाही बताया और शासन से ऐसे अधिकारी को हटाकर नियमों का पालन करने वाले, ईमानदार व समय के पाबंद अधिकारी की नियुक्ति की मांग की।







