भूपेश बघेल असम में भाजपा के अंत का दिवास्वप्न देख रहे हैं – पांडेय

रायपुर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल असम में भाजपा के अंत का दिवास्वप्न देख रहे हैं। आजकल मुद्दों की दरिद्रता के चलते राजनीतिक अस्तित्व के संकट से जू़झ रहे बघेल शायद स्मृतिलोप के दौर से भी गुजर रहे हैं। बघेल को यह तो कतई नहीं भूलना चाहिए कि जिन-जिन प्रदेशों की कमान उनको सौंपी गई थी, उन-उन प्रदेशों में कांग्रेस का बंटाढार हो चुका है, और असम भी उनमें एक राज्य रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और देश के जनमानस का मूड भाँपने में भूपेश बघेल हर बार गच्चा खाने के बाद भी मुंगेरीलाल की तरह फिर असम में भाजपा के अंत का सपना देख रहे हैं। बघेल ऐसे सपने देखकर चाहे जितनी डींगें हाँकते और परिवार-वन्दना की शर्मनाक मिसाल पेश करते फिरें, पर इस सच्चाई से मुँह न चुराएँ कि प्रबुद्ध देशवासी कांग्रेस मुक्त भारत के लिए संकल्पित हो चुके हैं। श्री पाण्डेय ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में जिस सख्ती के साथ देश-विरोधी ताकतों को नेस्त-ओ-नाबूद किया जा रहा है, घुसपैठियों को उनके बिलों से निकाल बाहर करके असम में स्थायी शांति और विकास का मार्ग निष्कंटक बनाया जा रहा है, उससे दरअसल कांग्रेस की बदनीयती लहूलुहान हो रही है और उसी बिलबिलाहट में कांग्रेसी अपने बड़बोलेपन का प्रदर्शन कर रहे हैं। भूपेश बघेल अपनी ऐसी डींगों से एक बार फिर कांग्रेस के पराजय-पत्र पर हस्ताक्षर कर रहे हैं।







