बैटरी चालित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल बनी संबल, दिव्यांग हरिचंद बना आत्मनिर्भर

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग की योजनाएं दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत कवर्धा अंतर्गत ग्राम गांगचुवा (सिंघनपुरी) निवासी दिव्यांग श्री हरिचंद पटेल के जीवन में बैटरी चालित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल ने आत्मनिर्भरता की नई राह खोली है।
एक सड़क दुर्घटना में बायां पैर कट जाने से दिव्यांग हुए श्री हरिचंद पटेल की आजीविका पर गहरा असर पड़ा था। सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच जीवनयापन चुनौतीपूर्ण हो गया था। उपचार के दौरान उन्हें जिला अस्पताल से दिव्यांगता प्रमाण पत्र की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने समाज कल्याण विभाग में बैटरी चालित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल हेतु आवेदन किया। पात्रता के आधार पर उन्हें मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की गई, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियां सहज हुईं। इस सुविधा का लाभ उठाते हुए श्री पटेल ने अपने गांव में किराना दुकान शुरू की। अब वे ट्राइसाइकिल की सहायता से स्वयं सामान लाने-ले जाने का कार्य कर रहे हैं और सम्मानजनक, आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं।
श्री हरिचंद पटेल ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की यह पहल दिव्यांगजनों को स्वावलंबन की दिशा में सशक्त बना रही।







