ChhattisgarhRegion

एनआईटी रायपुर में अविन्या 25 का हुआ आयोजन

Share


रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के इनोवेशन सेल (आई-सेल) ने अपने प्रमुख वार्षिक कार्यक्रम “अविन्या” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के प्रबंध निदेशक (एमडी) श्री भीम सिंह कंवर , आई ए एस उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार, एनआईटी रायपुर, डॉ. नरेंद्र डी. लोंढे; प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग डॉ. एस. सान्याल , डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. मनोज चोपकर और आई-सेल के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. सौरभ गुप्ता भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के आशीर्वाद के साथ ही पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन समारोह से हुई। इसके बाद डॉ. सौरभ गुप्ता ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए छात्रों को नवीनतम उद्योग प्रवृत्तियों के साथ तालमेल बिठाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. एस. सान्याल ने एनआईटी रायपुर में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए की गई विभिन्न पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इनोवेशन डेवलपमेंट की नींव है और डिजिटल भुगतान प्रणालियों, एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवा और कृषि प्रणालियों, इसरो की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी उपलब्धियों, और उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों में भारत की प्रगति पर चर्चा करते हुए इस वर्तमान और भविष्य का प्रमुख भाग बताया । इसके बाद डॉ. नरेंद्र डी. लोंढे ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि इनोवेशन डेवलपमेंट की कुंजी है। उन्होंने छात्रों को पारंपरिक सीमाओं से परे सोचने, जिज्ञासा और साहस को सफलता की सीढ़ी बनाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि श्री भीम सिंह कंवर ने अपने संबोधन में इस आयोजन का हिस्सा बनने पर आभार व्यक्त किया और सतत ऊर्जा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए सीएसपीडीसीएल वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है और ऊर्जा उत्पादन की चुनौतियों और उनके लिए अपनाए गए नवाचारी समाधानों पर के बारे में बात की। इसके बाद कुदरत के सह-संस्थापक और सीईओ श्री ऋषभ सूरी और रिपीट गुड़ की संस्थापक और सीईओ सुश्री ईशा झवर की आंत्रप्रेन्योरियल यात्रा पर पैनल सत्र आयोजित किया गया जिसका संचालन श्री पवन कटारिया ,असिस्टेंट रजिस्ट्रार, एन आई टी रायपुर द्वारा किया गया । चर्चा में एंटरप्रेन्योरशिप के सफर में आने वाली चुनौतियों पर वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। सुश्री ईशा झवर ने प्रॉब्लम सॉल्विंग, मजबूत टीम निर्माण, और निरंतरता के महत्व पर जोर दिया, जबकि श्री ऋषभ सूरी ने अपने विजन के प्रति प्रतिबद्ध रहने की सलाह दी। शार्क टैंक इंडिया के अनुभव पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सुश्री झवर ने बताया कि एक टियर-2 शहर से आने के कारण उनके विचारों पर संदेह किया गया, लेकिन शार्क टैंक पर उनके विचारों को पहचान और सराहना मिली। उद्यमिता में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर, श्री ऋषभ सूरी ने बताया कि एआई-एमएल उत्पाद विकास और स्वचालन को बढ़ावा देते हैं, जिससे व्यवसायों को बड़े पैमाने पर बढऩे और ज्यादा से ज्यादा तक पहुंचने में मदद मिलती है।
इसके बाद यूट्यूब पर प्रसिद्ध शिक्षक और कोडिंग विशेषज्ञ श्री राज विक्रमादित्य (स्ट्राइवर) ने अपने सत्र में अपने सफल यूट्यूब चैनल के पीछे अपनी प्रेरणा साझा की। उन्होंने “मौखिक प्रचार” और उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि असफलताएं विनम्रता सिखाती हैं और यह व्यक्तिगत विकास के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को स्टार्टअप से लाभ साझा करने और पारिवारिक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह देते हुए कहा कि कभी खुद अकेले न कमाएं बल्कि सभी को अपने साथ साथ कमाने का मौका दे।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button