अभनपुर तहसील में जमीन की मनमानी रजिस्ट्री, रिकॉर्ड और वसीयत का उल्लंघन

अभनपुर तहसील के टेकारी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें मृतक की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर जमीन की रजिस्ट्री करवाने का आरोप लगा है। राजस्व विभाग में यह प्रकरण चर्चा का विषय बना हुआ है और अफसरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
टेकारी की लगभग एक एकड़ जमीन (खसरा नंबर 223/1 और 645/1) पहले से बोधनी वर्मा और शारदा वर्मा के नाम पर दर्ज थी। शारदा वर्मा की मृत्यु 23 अप्रैल 2021 को हो चुकी थी और उन्होंने अपने बेटे गुलाब वर्मा के नाम 2018-19 में वसीयत लिखी थी। गुलाब वर्मा की मृत्यु 24 फरवरी 2024 को हो चुकी थी। इसके बावजूद तहसीलदार सृजन सोनकर ने 24 जून 2025 को अन्नू तारक के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करवा दी, जबकि अन्नू तारक और मृतक की स्थिति रिकॉर्ड में स्पष्ट थी।
ऑनलाइन सिस्टम और पटवारी रिकॉर्ड में पहले से ही जमीन की स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज थी, लेकिन तहसीलदार ने मनमाने तरीके से आदेश पारित कर जमीन को नए नाम पर चढ़ा दिया। इसके बाद अन्नू तारक ने दो सप्ताह के भीतर जमीन 3 जुलाई 2025 को कौशल और कपिल तरवानी को बेच दी। वारिसों की अपील पर 20 नवंबर 2025 को जमीन पुनः मृतक परिवार के नाम दर्ज करवाई गई। इस मामले ने न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है बल्कि वसीयत संपदा और रिकॉर्डिंग प्रक्रिया में बड़े अंतराल और गड़बड़ी को भी सामने लाया है।







