शेकरू का शिकार करने वाला एक आरोपी गिरफ्तार, 11 की तलाश जारी

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में वन विभाग की टीम ने महाराष्ट्र के राजकीय पशु वन्य प्राणी शेकरू (Indian Giant Squirrel) का शिकार करने वाले एक युवक को बुधवार काे पकड़ा है। इसने सपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कुल 9 शेकरू का शिकार किया। इंस्टाग्राम पर रील डाली और फिर सभी शेकरू को पकाकर खा गये। वहीं वन विभाग को इसकी जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम ने आराेपी युवक बंशी राम कवासी को पकड़ लिया गया है, युवक से पूछताछ जारी है। दुर्लभ प्रजाति के इस वन्य जीव का शिकार करने में इस युवक के साथ अन्य 10 और भी लोग शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार युवक का नाम बंशी राम कवासी है, बारसूर इलाके का रहने वाला है। सोशल मीडिया पर इसने शेकरू के शिकार के बाद शव के साथ रील पोस्ट की। जिसमें हिड़मा का वायरल गाना भी जोड़ रखा था। ये रील दंतेवाड़ा वन विभाग के पास पहुंची। जिसके बाद डीएफओ के निर्देश पर दंतेवाड़ा रेंजर डॉ. प्रीतेश पांडेय और गीदम रेंजर ज्योत्सना पांडेय के नेतृत्व में टीम बनाई गई। जिसके बाद टीम ने युवक की तलाश शुरू की। वन विभाग की टीम ने युवक की इंस्टाग्राम आईडी से उसका नंबर और लोकेशन निकाला। फिर बारसूर के अंदरूनी इलाके अबूझमाड़ क्षेत्र में बसे एक गांव पहुंची। जहां से आराेपी युवक बंशी राम कवासी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में युवक ने बताया कि शिकार में उसके साथ कुल 11 और लोग शामिल थे। जिनकी तलाश जारी है।
आरोपी युवक ने वन विभाग की टीम को बताया कि जंगल में पेड़ों के ऊपर इनका निवास स्थल है। करीब दो-तीन दिन पहले वह अपने कुछ साथियों के साथ जंगल गया था, जहां पहले उसने जमीन और पेड़ों की टहनियों पर ही कुछ खाने के लिए रख दिया था। जब शेकरू झुंड में खाना खाने पहुंचे तो गुलेल मारकर 9 शेकरू का शिकार किया गया। इसके बाद इसे घर लेकर आए। जिसके बाद अन्य साथियों के साथ मिलकर शेकरू को पका कर खा गए। ये पहली दफा नहीं था कि शेकरू का शिकार किया गया हो, इससे पहले भी इस प्रजाति के वन्य जीवों का शिकार किया गया है।
गीदम रेंजर ज्योत्सना पांडेय ने बताया कि अन्य आरोपियों के नामों का पता चल गया है, जिनकी तलाश जारी है। उन्हाेने बताया कि यह सामान्य गिलहरियों से काफी बड़ी होती है, लगभग 1 मीटर तक लंबी (पूंछ सहित) इसका शरीर गहरे भूरे, लाल, क्रीम और कभी-कभी बैंगनी शेड में होता है। ये बहुत आकर्षक दिखती है। यह जमीन पर बहुत कम आती है, ज्यादातर ऊंचे पेड़ों पर रहती है। एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर 20 फीट तक कूद सकती है। पेड़ों की ऊंचाई पर बड़े-बड़े घोंसले बनाती है। फल, फूल, बीज और छाल खाती है, यही इसका भोजन है। मुख्य रूप से यह प्रजाति पश्चिमी घाट (महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल) में पाई जाती है। छत्तीसगढ़ में इसकी मौजूदगी बहुत कम या लगभग नहीं के बराबर मानी जाती है। बस्तर के अबूझमाड़ इलाके के घने जंगलों में बहुत रेयर मिलती है। छत्तीसगढ़ के जंगलों में आमतौर पर दूसरी छोटी गिलहरी प्रजातियां ज्यादा मिलती हैं, लेकिन शेकरू जैसी बड़ी गिलहरी वहां सामान्य रूप से नहीं पाई जाती।







