एआई आधारित कृषि ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसर

भारत की कृषि व्यवस्था आज एक बड़े तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीकें खेती को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। विशेष रूप से महिलाओं के लिए यह परिवर्तन एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है, क्योंकि देश की कृषि व्यवस्था में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन संसाधनों और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी अभी भी सीमित है। भारत में कृषि कार्यबल का लगभग 43 प्रतिशत हिस्सा महिलाएँ हैं और वे खेती, पशुपालन, बीज संरक्षण, खाद्य प्रसंस्करण तथा वानिकी से जुड़े अनेक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी भागीदारी और भी अधिक है, फिर भी महिलाओं के पास केवल 13–14 प्रतिशत कृषि भूमि का स्वामित्व है और संस्थागत ऋण, बाजार तथा आधुनिक तकनीक तक उनकी पहुँच अपेक्षाकृत कम है।







