निलंबित जज और बाबू को जमानत देने पर एडीजे कसेरा का तबादला

निलंबित जज विजेंद्र रावत और उनके सहयोगी बाबू नीतू सिंह को अग्रिम जमानत देने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रकाश कसेरा का तबादला कर दिया गया है। एडीजे कसेरा ने दो महीने में चर्चित आरोपियों को जमानत दी थी, जो आईएएस संतोष वर्मा के बरी होने के फर्जी आदेश से जुड़ा मामला है। जिला एवं सत्र न्यायालय में पदस्थ कसेरा को अब सीधी जिले के रामपुर तहसील कोर्ट में ट्रांसफर किया गया है। कसेरा ने निलंबित जज विजेंद्र रावत को अग्रिम जमानत दी थी, जबकि पुलिस ने 18 दिसंबर को रावत के सहयोगी बाबू नीतू सिंह को गिरफ्तार किया था। नीतू सिंह ने जमानत के लिए अर्जी दी थी, जिसे एडीजे ने मंजूर कर दिया। जमानत आदेश में एडीजे कसेरा ने स्पष्ट किया कि पुलिस की धारणा कि रिमांड अवधि में जमानत नहीं दी जा सकती, पूरी तरह गलत है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए लिखा कि किसी आरोपी को जमानत अर्जी दायर करने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता, चाहे केस डायरी पेश हो या न हो।







