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नियमों की सही जानकारी ही व्यापार का सुरक्षा कवच – थौरानी

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रायपुर। आज चेम्बर भवन में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एवं छत्तीसगढ़ सीमेंट मर्चेंट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में जीएसटी के ई वे बिल एवं बिल टू शिफ्ट टू से संबंधित नए नियमों को लेकर महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जीएसटी के ”ई वे बिल एवं बिल टू शिफ्ट टू” से संबंधित नए नियमों के प्रति व्यापारियों को जागरूक करना था।
इस अवसर पर हाल ही में भारत सरकार प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में कनाडा के सफल व्यापारिक प्रवास से लौटे चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी का सीमेंट मर्चेंट्स एसोसिएशन द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर और शॉल-श्रीफल से आत्मीय अभिनंदन किया गया। कार्यशाला में सीए टीम के सभी सदस्यों ने ई वे बिल एवं बिल टू शिफ्ट टू से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक और कानूनी पहलुओं पर अपने अलग-अलग विचार साझा किए।
चेम्बर वाईस चेयरमेन सी.ए. चेतन तारवानी ने बिलिंग प्रक्रियाओं पर जोर देते हुए जानकारी दी कि ई-वे बिल के नियमों में आ रहे बदलावों का मुख्य उद्देश्य टैक्स चोरी रोकना है, लेकिन सही जानकारी के अभाव में ईमानदार व्यापारी भी फंस जाते है ”बिल टू-शिप टू” के मामलों में यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि पार्ट-ए और पार्ट-बी की प्रविष्टियां बिल्कुल सटीक हों, ताकि रास्ते में गाड़ी पकड़े जाने की नौबत न आए। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और मिलान पर बात रखते हुए कहा कि नए नियमों के तहत यदि बिलिंग एड्रेस और डिलीवरी एड्रेस में जरा सी भी तकनीकी गड़बड़ी होती है, तो इनपुट टैक्स क्रेडिट ब्लॉक होने का खतरा रहता है। सीमेंट व्यापार में भारी मात्रा में माल का परिवहन होता है, इसलिए दस्तावेज तैयार करते समय पिन कोड और दूरी की ऑटो-कैलकुलेशन की सावधानीपूर्वक जांच कर लें।
सी.ए. विजय गोलछा ने दंडात्मक प्रावधानों से बचने के उपाय बताते हुए कहा कि भविष्य की कठिनाइयों से बचने का एकमात्र तरीका ”सटीक डेटा एंट्री” है। ई-वे बिल जनरेट होने के बाद उसकी वैधता की समय-सीमा पर विशेष ध्यान दें। यदि किसी कारणवश गाड़ी रास्ते में खराब होती है, तो समय रहते ई-वे बिल की वैधता को एक्सटेंशन देना न भूलें, अन्यथा भारी जुर्माना लग सकता है। सीमेंट व्यापार की विशिष्ट समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए जानकारी दी कि सीमेंट मर्चेंट्स अक्सर मल्टीपल डिलीवरी (एक ही गाड़ी से अलग-अलग जगह माल उतारना) करते हैं। ऐसे मामलों में ”बिल टू-शिप टू” का नियम थोड़ा पेचीदा हो जाता है। हमेशा मुख्य सप्लायर और अंतिम प्राप्तकर्ता के बीच के कड़ियों का दस्तावेजी प्रमाण मजबूत रखें।
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कनाडा का मेरा यह दौरा छत्तीसगढ़ के व्यापार को वैश्विक पटल पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहां के व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक में मैंने छत्तीसगढ़ में उपलब्ध अवसरों को साझा किया है। विदेशों में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन बेहद आधुनिक है। अगर हम भी तकनीक और नियमों को अपना लें, तो हमारा व्यापार कई गुना बढ़ सकता है। चेंबर जल्द ही विदेशी व्यापारिक पद्धतियों को यहां लागू करने के लिए कार्ययोजना बनाएगा।
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज हमेशा व्यापारियों के हक के लिए खड़ा है। जीएसटी नियमों के कारण हमारे सीमेंट भाइयों को कोई परेशानी न हो, इसीलिए आज चेंबर भवन में इस विशेष सत्र का आयोजन किया गया है। नियम चाहे जितने भी बदलें, चेम्बर अपनी परामर्श समितियों के माध्यम से हर कदम पर व्यापारियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्र में उपस्थित सीमेंट व्यापारियों ने दैनिक बिलिंग, ई-वे बिल की वैधता समाप्त होने और ”बिल टू-शिप टू” के अंतर्गत मल्टीपल डिलीवरी से जुड़ी अपनी व्यावहारिक समस्याओं को रखा। सी.ए. विशेषज्ञों की टीम ने नियमों के हवाले से मौके पर ही सभी शंकाओं का समाधान किया गया।
इस दौरान चेंबर प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी ने भी व्यापारियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि तकनीकी नियमों से डरने के बजाय सजगता अपनाएं । कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष श्री जसप्रीत सिंह सलूजा ने किया।
इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया, वाईस चेयरमेन चेतन तारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा, उपाध्यक्ष- लोकेश चंद्रकांत जैन, दिलीप इसरानी,अमरदास खट्टर, छत्तीसगढ़ सीमेंट मर्चेंट एसोसिएशन अध्यक्ष राहुल फरमानिया, सचिव गिरीश अग्रवाल, सदस्य राहुल अग्रवाल, अंश अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, बलदाऊ वर्मा, सोनू अग्रवाल, रवि अठवानी, अमित बजाज, मनीष अहलुवालिया, श्रेयाश अग्रवाल, बलजीत सिंह गुलाटी, करण गुलाटी, मुकेश, दिनेश देवांगन, सौरभ अग्रवाल, अरुण कुमार राठौड़, जफर, आशीष बरड़िया, घनश्याम, प्रतीक गर्ग, अनिल अडवाणी, विवेक नानवानी, निखिल जगवानी, अभिषेक अग्रवाल, विशाल, मिमेश कुमार दुबे सहित बड़ी संख्या में व्यापारीगण उपस्थित रहे।

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