कोष, लेखा एवं पेंशन के संयुक्त संचालक कार्यालय में 29-30 जनवरी को लगेगा विशेष शिविर

जगदलपुर। बस्तर जिले में लंबे समय से अटके पेंशन और वेतन निर्धारण के मामलों के निपटारे के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल करते हुए वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी अनिल पाठक ने बताया कि संभागीय कोष, लेखा एवं पेंशन के संयुक्त संचालक के निर्देशानुसार आगामी 29 और 30 जनवरी को एक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले में लंबित पेंशन प्रकरणों और वेतन निर्धारण की आपत्तियों का शत-प्रतिशत निराकरण करना है, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सके।
इस बारे में जारी निर्देशों के अनुसार यह शिविर जगदलपुर स्थित बस्तर संभाग के संभागीय संयुक्त संचालक के कार्यालय में नियत दिवस पर प्रातः 10 बजे से कार्यालयीन समय तक चलेगा। वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी ने जिले के समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को कहा कि वे अपने कार्यालय के स्थापना और पेंशन शाखा के प्रभारी कर्मचारियों को समस्त आवश्यक दस्तावेजों और अभिलेखों के साथ इस शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थिति सुनिश्चित करें, ताकि दस्तावेजों की कमी या लिपिकीय त्रुटियों के कारण जो फाइलें लंबित हैं, उन्हें आमने-सामने बैठकर तत्काल सुलझा लिया जाए। लंबित मामलों की समीक्षा करने पर यह बात सामने आई है कि अधिकांश प्रकरण छोटी-छोटी तकनीकी खामियों और दस्तावेजों के अभाव में रुके हुए हैं। कई मामलों में कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका, पेंशन प्रकरण और आधार कार्ड में नाम या जन्मतिथि में भिन्नता पाई गई है, जिसके कारण सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा, दिवंगत कर्मचारियों के मामलों में मृत्यु प्रमाण पत्र का संलग्न न होना, वारिसों के नॉमिनेशन में त्रुटि या परिवार के सदस्यों के उंगलियों के निशान और पहचान चिन्ह का स्पष्ट न होना भी देरी का बड़ा कारण बना हुआ है। कुछ प्रकरणों में पदोन्नति के बाद वेतन निर्धारण की जांच और अधिक भुगतान की वसूली जैसी वित्तीय आपत्तियां भी पाई गई हैं, जिनका निराकरण इस शिविर में प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। संबंधित विभाग अपने स्तर पर पहले ही आपत्तियों का परीक्षण कर लें और पूरी तैयारी के साथ शिविर में आएं।







