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नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जंगलो में अग्नि रोकथाम के लिए चलाया जनजागरूकता अभियान

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कवर्धा वनमंडल में वनों को अग्नि के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने और प्रभावी अग्नि प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वनमंडल अधिकारी द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी वन क्षेत्रों में फायर लाइन की कटाई-सफाई, फायर वाचर्स की नियुक्ति तथा आग की सूचना मिलते ही तत्काल नियंत्रण की व्यवस्था की गई है। बेहतर समन्वय और त्वरित कार्यवाही के लिए वनमंडल कार्यालय कवर्धा में फॉरेस्ट फायर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है तथा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वन अग्नि की किसी भी घटना की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 07741-232230 पर दें। Forest Survey of India (FSI) और वन विभाग की वेबसाइट Forest Management Information System (FMIS) में क्षेत्रीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मोबाइल नंबर पंजीकृत किए गए हैं, जिससे उपग्रह द्वारा प्राप्त अग्नि बिंदुओं की जानकारी तुरंत संबंधित कर्मचारियों तक पहुंचाई जा सके और त्वरित कार्रवाई हो सके। वन अग्नि नियंत्रण के लिए वनमंडल के सभी वन परिक्षेत्रों में कुल 69 फायर ब्लोअर उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही महुआ वृक्षों की ब्लेजिंग कर कंट्रोल बर्निंग, ग्रामों में मुनादी, दीवार लेखन, पोस्टर चस्पा, विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन तथा सरपंच एवं संयुक्त वन प्रबंधन समिति अध्यक्षों को पोस्टकार्ड के माध्यम से अपील जैसी पहल की जा रही है। जनजागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। अंचल के प्रसिद्ध कलाकारों के दल आस्था कला मंच कबीरधाम द्वारा अग्नि सुरक्षा पर आधारित गीत, नाटक और संगीत के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। 24 से 26 फरवरी 2026 तक बोडला विकासखंड के 10 ग्राम—प्रभुझोला, बेंदा, चोरभट्ठी, तेलीटोला, कनहारी, रोल, मुडवाही, बांधा, केसदा और छपरी (भोरमदेव)—में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें प्रत्येक गांव से लगभग 200 से 250 ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी की। आस्था कला मंच कबीरधाम के संचालक गुरुदास मानिकपुरी ने बताया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को वन अग्नि से होने वाली पर्यावरणीय और आर्थिक क्षति की जानकारी दी जा रही है तथा आग से बचाव, सावधानी बरतने और समय पर सूचना देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कार्यक्रमों में उपस्थित वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी ग्रामीणों से वन अग्नि रोकथाम में सक्रिय सहयोग की अपील की, वहीं संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की बैठकों में भी अग्नि सुरक्षा विषय पर विशेष चर्चा की जा रही है, ताकि जनसहभागिता के माध्यम से वन संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

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