रामगढ़, हसदेव व वन संपदा संरक्षण को लेकर रामगढ़ में कल एक दिवसीय परिचर्चा

उदयपुर (सरगुजा)। सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर रामगढ़ पहाड़ी के संरक्षण तथा छत्तीसगढ़ की वन संपदा एवं पर्यावरणीय संतुलन को बचाने के उद्देश्य से रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्धन समिति, उदयपुर द्वारा शनिवार 13 जून दोपहर में 12 बजे को रामगढ़ में एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है। इसके आयोजक रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्धन समिति उदयपुर हैं। आयोजन
समिति के अनुसार, प्रभु श्रीराम के वनवास काल से जुड़ी मानी जाने वाली रामगढ़ पहाड़ी वर्तमान में अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित केते एक्सटेंशन कोल खदान परियोजना से रामगढ़ पहाड़ी, आसपास के प्राकृतिक संसाधनों तथा लाखों पेड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इसके साथ ही क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन एवं जैव विविधता पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
समिति का मानना है कि रामगढ़, हसदेव अरण्य और छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा के संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों का एकजुट होना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आयोजित इस परिचर्चा में पर्यावरणविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि इस महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक चर्चा कर संरक्षण के लिए सामूहिक रणनीति तैयार की जा सके।
कार्यक्रम 13 जून 2026 को दोपहर 12:00 बजे रामगढ़, उदयपुर (सरगुजा) में आयोजित होगा। समिति ने प्रदेश के सभी जागरूक नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील लोगों से कार्यक्रम में सहभागिता करने की अपील की है।







