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डॉ माहला की अध्यक्षता में शहीद शिरोमणि गेंदसिंह की 201वीं शहादत श्रद्धांजलि सभा का भव्य आयोजन

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रायपुर।छत्तीसगढ़ की वीर भूमि पर जन्मे प्रथम शहीद, परलकोट के जमींदार शहीद शिरोमणि गेंदसिंह की 201वीं शहादत श्रद्धांजलि सभा का गरिमामयी एवं ऐतिहासिक आयोजन दिनांक 21 जनवरी को साइंस कॉलेज मैदान, रायपुर में किया जा रहा है। यह आयोजन अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज, छत्तीसगढ़ केन्द्रीय महासभा के तत्वावधान में संपन्न होगा।

इस गौरवशाली अवसर पर छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान करेगी और यह संदेश देगी कि छत्तीसगढ़ शासन आदिवासी समाज के इतिहास, बलिदान और योगदान को पूरे सम्मान के साथ स्वीकार करता है। शहीद गेंदसिंह का संघर्ष और त्याग केवल आदिवासी समाज के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज, छत्तीसगढ़ केन्द्रीय महासभा के केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र माहला द्वारा की जाएगी। डॉ. माहला वर्षों से समाज के संगठन, सामाजिक चेतना और आदिवासी अधिकारों के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनकी अध्यक्षता में यह श्रद्धांजलि सभा केवल स्मरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, स्वाभिमान और भविष्य के संकल्प का मंच बनेगी।

श्रद्धांजलि सभा का उद्देश्य शहीद शिरोमणि गेंदसिंह के उस ऐतिहासिक बलिदान को नमन करना है, जिसने जल–जंगल–जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने अंग्रेजी शासन और शोषणकारी नीतियों के विरुद्ध आवाज उठाकर यह सिद्ध किया कि अन्याय के सामने झुकना नहीं, बल्कि संघर्ष करना ही सच्चा स्वाभिमान है। उनका जीवन आज भी समाज के युवाओं, महिलाओं और जनसामान्य को साहस और आत्मसम्मान का मार्ग दिखाता है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, बुद्धिजीवी, युवा एवं महिला प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे। श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ देश के अन्य प्रांतों से भी हजारों स्वजातीय बंधु-भगिनी शामिल होकर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।

कार्यक्रम स्थल पर समाज द्वारा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, जिनमें लोकनृत्य, लोकगीत, वीरगाथाओं का गायन और प्रेरणादायी संदेश शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ना और शहीदों के बलिदान को जीवंत बनाए रखना है।

अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज, छत्तीसगढ़ केन्द्रीय महासभा ने समस्त समाजजनों, नागरिकों एवं युवाओं से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक श्रद्धांजलि सभा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शहीद शिरोमणि गेंदसिंह के अमर बलिदान को नमन करें और उनके दिखाए मार्ग—सत्य, साहस, एकता और स्वाभिमान—पर चलने का संकल्प लें।

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