राइस मिलर्स की खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक

रायपुर। मंत्रालय, महानदी भवन में खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन की महत्वपूर्ण बैठक हुई, इस दौरान राइस मिल के कस्टम मिलिंग में आ रही समस्याओं एवं सुझाव पर चर्चा की गई। बैठक में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा कंगाले, प्रबंध संचालक मार्कफेड जितेंद्र शुक्ला, प्रबंध संचालक नान श्रीमती इ$र्फत आरा, मार्कफेड के जीएम कैलाश वर्मा, खाद्य विभाग के श्री जी.एस. सिकरवार के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कांतिलाल बोथरा, महामंत्री विष्णु बिंदल, संदीप मित्तल, मुकेश गोयल, विजय गोयल, रंजनीत पांडे, दीपक अग्रवाल, बाँके अग्रवाल, विक्की शर्मा एवं श्री सतीश शर्मा उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल बोथरा ने बताया कि बैठक में वर्ष 2026-27 की कस्टम मिलिंग नीति एवं चावल जमा व्यवस्था सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। जिसमें इस वर्ष 10 प्रतिशत इम्प्रूव राइस नान में जमा किया जाएगा, स्टेट पूल के अंतर्गत लगभग 17.32 लाख टन चावल जमा होगा, सेंट्रल पूल से लगभग 16.00 लाख टन चावल नान में जमा किया जाएगा, लगभग 10.00 लाख टन बॉयल्ड (उसना) राइस 5 प्रतिशत एफसीआई में जमा किया जाएगा, लगभग 5.00 लाख टन (10 प्रतिशत)अरवा चावल एफसीआई में जमा होगा, शेष लगभग 25 प्रतिशत ब्रोकन अरवा चावल एफसीआई में जमा किया जाएगा।
बोथरा ने बताया कि राइस मिल परिसर में निर्मित गोदाम एवं वर्तमान राइस मिलों में तकनीकी उन्नयन पर भी सब्सिडी दी जाए। बैठक के दौरान राइस मिलर्स की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। एसोसिएशन ने 10 प्रतिशत इंप्रूव राइस को लेकर अपनी चिंता वयक्त की और विशेष रूप से प्रोत्साहन राशि में वृद्धि, भंडारण (स्टोरेज) शुल्क, सूखत का प्रावधान, पूरे जमा बारदाना पर उपयोगिता शुल्क, 30 नंबर 2026 की स्थिति पर बकाया चावल को नान में ट्रांसफर करने तथा लंबित भुगतानों के शीघ्र भुगतान सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों के साथ सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। एसोसिएशन को विश्वास है कि बैठक में हुई सकारात्मक चर्चा के आधार पर शीघ्र ही राइस मिलर्स के हित में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे, जिससे प्रदेश के राइस उद्योग को मजबूती मिलेगी।







