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देश के पहले वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू का ट्रायल प्रारंभ

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00 भारतीय रेल की माल परिवहन व्यवस्था में नया अध्याय  

रायपुर/बिलासपुर।भारतीय रेल की माल परिवहन प्रणाली में एक नए तकनीकी युग की शुरुआत हो गई है। देश के पहले वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) का व्यापक तकनीकी परीक्षण 29 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो गया है। लगभग एक माह तक चलने वाले इन परीक्षणों के दौरान इस अत्याधुनिक रेक का विभिन्न गति एवं परिचालन परिस्थितियों में परीक्षण किया जाएगा। यह उपलब्धि भारतीय रेल के उच्च गति माल परिवहन नेटवर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

यह देश का पहला 16 कोच वाला वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू प्रोटोटाइप रेक है, जिसे इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य भारतीय रेल की तेज, समयबद्ध एवं आधुनिक पार्सल तथा लॉजिस्टिक्स सेवाओं को नई गति प्रदान करना है। वंदे भारत तकनीक पर आधारित यह रेक भविष्य में ई-कॉमर्स, एक्सप्रेस पार्सल, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स तथा समयबद्ध माल परिवहन को नई दिशा देगा। अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा किए जा रहे इन परीक्षणों के लिए यह प्रोटोटाइप रेक आईसीएफ, चेन्नई से लाया गया है। विस्तृत तकनीकी परीक्षण कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर रेलखंड पर किए जा रहे हैं।

परीक्षण श्रृंखला का औपचारिक शुभारंभ 29 जुलाई 2026 को हुआ। पहले दिन विशेष ट्रायल रेक प्रात: 6:00 बजे कोटा से महिदपुर रोड के लिए रवाना हुई। प्रारंभिक चरण में 120 किमी/घंटा की गैर-अभिलेखित गति तथा बाद में 120 एवं 135 किमी/घंटा की अभिलेखित गति से सफल परीक्षण किए गए। वापसी के दौरान रेक ने 145 किमी/घंटा की अधिकतम गति प्राप्त की, जो इस परीक्षण श्रृंखला के पहले दिन की सर्वोच्च गति रही। परीक्षण के दौरान सभी स्टेशनों पर निर्बाध ग्रीन सिग्नल उपलब्ध कराए गए, जिससे परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुए।

वंदे भारत तकनीक पर आधारित अत्याधुनिक फ्रेट ईएमयू

यह अत्याधुनिक फ्रेट ईएमयू 16 कोचों का रेक है, जिसमें 2 डीटीसी (रेफ्रिजरेटेड वैन), 2 एनडीटीसी तथा 12 पार्सल कोच शामिल हैं। इसमें वंदे भारत श्रेणी के आधुनिक बोगी, 20.32 टन एक्सल लोड क्षमता तथा 397.02 टन कुल पेलोड क्षमता उपलब्ध है। इसमें रेफ्रिजरेटेड पार्सल सुविधा, फोर्स्ड वेंटिलेशन, न्यूमैटिक रिट्रैक्टेबल रोलर फ्लोरिंग, प्रत्येक कोच में चार स्वचालित चौड़े स्लाइडिंग दरवाजे, सीसीटीवी, एलईडी प्रकाश व्यवस्था, अग्नि पहचान प्रणाली, कंटेनर लॉकिंग व्यवस्था तथा वंदे भारत जैसी उन्नत ब्रेकिंग एवं प्रोपल्शन प्रणाली उपलब्ध है।सुरक्षा की दृष्टि से इसमें विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके तहत 5 किमी/घंटा से अधिक गति होने पर सभी दरवाजे स्वत: लॉक हो जाते हैं तथा सभी दरवाजों के बंद होने की पुष्टि के बिना रेक का संचालन संभव नहीं है। भारतीय रेल को विश्वास है कि इस फ्रेट ईएमयू के सफल परीक्षण के बाद देश में उच्च गति पार्सल परिवहन, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, कोल्ड-चेन फ्रेट तथा समयबद्ध माल परिवहन को नई गति मिलेगी। व्यावसायिक संचालन प्रारंभ होने के बाद यह रेक पारंपरिक माल परिवहन प्रणाली की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित एवं विश्वसनीय विकल्प सिद्ध होगा।

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