बस्तर जिले में सिंचाई के दावे विफल, परेशान किसान खेती नहीं कर पा रहे

जगदलपुर । बस्तर जिले में किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे सरकार करती रही है। लेकिन शासकीय लापरवाही के कारण बस्तर जिले के एक ग्राम उसरीबेड़ा में पिछले चार साल से सिंचाई योजना पूरी नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर पाइप लाइन बिछा दी गई, लेकिन ट्रांसफार्मर और बिजली कनेक्शन अब तक नहीं लगा है।ट्रांसफार्मर और बिजली लाइन के अभाव में पाइप लाइन ग्रामीणों के किसी काम नहीं आ रही है। बिजली को लेकर कोई प्रबंध नहीं होने के कारण पाइपलाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने लगी है। वहीं मानसून की बेरुखी से परेशान किसान सिंचाई के अभाव में खेती नहीं कर पा रहे हैं।
ग्राम पंचायत उसरीबेड़ा के सरपंच मधुसूदन बघेल का कहना है कि में वर्ष 2022-23 में उद्यान सिंचाई योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ था। योजना का उद्देश्य इंद्रावती नदी के पानी से किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाना था, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी योजना अधूरी है। सबसे बड़ी वजह ट्रांसफार्मर और बिजली कनेक्शन का नहीं लगना बताई जा रही है। उन्हाेने कहा कि बारिश से पहले कई बार संबधित ठेकेदार और संबंधित विभाग के अधिकारियों से काम पूरा करने की मांग की गई। लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है, और काम नहीं होता है। अब बारिश शुरू होने के बाद बिजली विभाग ने भी काम अगले सीजन तक टाल दिया है। इस संबंध में जिला पंचायत, कलेक्टर कार्यालय और सुशासन कार्यक्रम में कई बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।







