रामानुजगंज अस्पताल को मिली 1.66 करोड़ की स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात

रायपुर। आदिम जाति एवं कृषि विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के विशेष प्रयासों से जिला बलरामपुर के नगर पंचायत रामानुजगंज (विकासखंड रामचंद्रपुर) स्थित 100 बिस्तर शासकीय चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष अंतर्गत लगभग 1 करोड़ 65 लाख 82 हजार 500 रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस स्वीकृति से अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
स्वीकृत राशि से अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) सेटअप, डायलिसिस यूनिट तथा ब्लड स्टोरेज यूनिट को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। ओटी सेटअप के लिए वेंटिलेटर मशीन, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, ओटी लाइट, ओटी टेबल, मल्टीपैरा मॉनिटर, ट्रूनैट मशीन, सीबीसी मशीन, माइक्रोस्कोप, कॉटरी मशीन, सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स एवं अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसी प्रकार डायलिसिस यूनिट की स्थापना के लिए दो डायलिसिस यूनिट, मल्टीपैरा मॉनिटर, 100 एलपीएच क्षमता का आरओ प्लांट, एयर कंडीशनर तथा अन्य आवश्यक उपकरणों हेतु 36.10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए माइक्रोस्कोप, डीप फ्रीजर, ब्लड स्टोरेज रेफ्रिजरेटर, सेंट्रीफ्यूज मशीन एवं अन्य उपकरणों की स्थापना हेतु 6.30 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना के बाद अस्पताल में ऑपरेशन, डायलिसिस, रक्त भंडारण, आपातकालीन उपचार तथा गंभीर मरीजों की चिकित्सा सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे मरीजों को उपचार के लिए अंबिकापुर, रायपुर अथवा अन्य बड़े शहरों का रुख करने की आवश्यकता कम पड़ेगी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।
मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उसके क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। स्वीकृति की जानकारी मिलने पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्री श्री रामविचार नेताम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस निर्णय से रामानुजगंज सहित आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। नागरिकों ने इसे क्षेत्र के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।






