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अपनी डगमगाती कुर्सी बचाने के लिए महंत ने दिया अभद्र बयान : भाजपा

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​रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी और बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर दिए गए अमर्यादित और अभद्र वक्तव्य की कड़े शब्दों में तीखी निन्दा की है। श्री सोनी ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता के दिलों में रची-बसी सनातन संस्कृति और पूज्य संत समाज का अपमान करना कांग्रेस के डीएनए में शामिल हो चुका है।
​भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह वही कांग्रेस है जिसने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर प्रभु श्री राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और रामसेतु को नकारने का दुस्साहस किया। यह वही कांग्रेस है जिसने देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र भव्य राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का आमंत्रण तक ठुकरा दिया। सनातन संस्कृति और जन-आस्था पर लगातार चोट पहुँचाने वाली कांग्रेस अब खुलेआम हमारे पूज्य संतों के अपमान पर उतारू हो गई है। ​श्री सोनी ने चरणदास महंत के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान में कांग्रेस के भीतर अपनी ही कुर्सी पर मंडराते खतरे और राजनीतिक वजूद को बचाने की छटपटाहट साफ दिखाई दे रही है। आज कांग्रेस पार्टी में पद पाने या अपनी हैसियत बचाए रखने के लिए ‘सनातन विरोधी बयान देना’ एक अनिवार्य शर्त बन चुकी है। पैरों तले अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन को बचाने और आलाकमान को खुश करने के लिए ही देश के शीर्ष संतों के खिलाफ महंत ने इस तरह की घटिया और ओछी बयानबाजी की है। श्री सोनी ने कहा कि संतों के प्रति ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग करना पूरी राज्य की संस्कृति को कलंकित करने जैसा है। छत्तीसगढ़ की धर्मप्राण जनता अपने पूज्य संतों का यह घोर अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। महंत को अपने इस अमर्यादित वक्तव्य के लिए तत्काल पूरे देश और संत समाज से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

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