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अबूझमाड़ के दुर्गम इलाके में मानसून की चुनौती से निपटने बनाया 60 मीटर लंबा पुल 

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नारायणपुर। जिले के अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों में बारिश आते ही मुश्किलें बढ़ जाती हैं। उफनते नदी-नालों के कारण दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट जाता है। इस बार मानसून की चुनौती से निपटने कुड़मेल में लोगों के साथ आईटीबीपी के जवानों ने अस्थायी पुल का इंतजाम किया है। ओरछा थाना क्षेत्र के कुड़मेल नाले पर बांस-बल्ली के सहारे 60 मीटर लंबा पुल तान दिया गया है। खास बात यह है कि बारिश में इस पुल से न केवल लोग पैदल चलेंगे, बल्कि इससे बाइक भी गुजर पाएगी। बांस-बल्ली का पुल पूरे अबूझमाड़ में चर्चा और उम्मीद का विषय बना हुआ है।
कुड़मेल गांव ओरछा से करीब 20 किमी दूर घने जंगलों के बीच बसा है। हर साल बारिश में यहां का नाला विकराल रूप ले लेता था, जिससे राशन और इलाज जैसी जरूरी सुविधाएं ठप हो जाती थीं। इस समस्या को देखते हुए आईटीबीपी 38वीं वाहिनी के जवानों ने बीड़ा उठाया। कमांडेंट रोशन सिंह असवाल के मार्गदर्शन में 15 जवानों की टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर दिन-रात काम किया। गांव वालों को उम्मीद, सरकार जल्द यहां स्थायी पुल बनाएगी इस निर्माण में ग्रामीणों ने खुद आगे बढ़कर श्रमदान किया। किसी ने बल्लियां पहुंचाईं तो किसी ने बांधने में मदद की। इस छोटे से प्रयास ने सुरक्षा बलों और आदिवासियों के बीच आपसी भरोसे को और मजबूत किया है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले बीमार लोगों या गर्भवती महिलाओं को उफनता नाला पार कराने के लिए खाट का सहारा लेना पड़ता था, जो काफी जोखिम भरा था। अब यह अस्थायी पुल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।

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