ChhattisgarhRegion

दुर्लभ धार्मिक धरोहरों का संरक्षण: 136 वर्ष प्राचीन श्रीमद्भागवत महापुराण एवं हस्तलिखित पांडुलिपियाँ प्राप्त

Share

रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्पना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आह्वान पर ज्ञानभारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में प्राचीन एवं दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में विभिन्न ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों का संग्रहण कर उन्हें ज्ञानभारतम् पोर्टल में अपलोड किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम निनवा, विकासखंड तिल्दा निवासी प्रसिद्ध भागवताचार्य पंडित श्री नंदकुमार शर्मा जी से सनातन धर्म से जुड़ी अत्यंत दुर्लभ एवं ऐतिहासिक धार्मिक धरोहरों का अवलोकन किया गया। इस दौरान उनके निवास से लगभग 136 वर्ष प्राचीन श्रीमद्भागवत महापुराण सहित कई महत्वपूर्ण हस्तलिखित धार्मिक पांडुलिपियाँ प्राप्त हुईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार आचार्य पंडित श्री नंदकुमार शर्मा जी द्वारा इन प्राचीन धरोहरों को वर्षों से अत्यंत श्रद्धा, सावधानी एवं समर्पण के साथ सुरक्षित संरक्षित कर रखा गया था। इनमें लगभग 100 वर्ष पूर्व लिखित हस्तलिखित भजन एवं फाग गीतों की पांडुलिपियाँ भी शामिल हैं, जो तत्कालीन धार्मिक, सांस्कृतिक एवं लोक परंपराओं की अमूल्य धरोहर मानी जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि ये धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत उनके पूर्वजों से प्राप्त हुई थीं, जिन्हें उन्होंने सनातन धर्म के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से सुरक्षित संजोकर रखा। क्षेत्र में उनके इस कार्य को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक पहल माना जा रहा है। इस अवसर पर जनपद पंचायत तिल्दा कार्यपालन अधिकारी श्री रवि कुमार उपस्थित रहे।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button