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मुख्यमंत्री के सुशासन संकल्प से आ रहा बदलाव, 314 में से 266 आवेदनों का ऑन द स्पॉट फैसला

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार अब जन-जन की समस्याओं के समाधान का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। 1 मई से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुँच रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के कुकरेल में आयोजित समाधान शिविर में प्रशासन की संवेदनशीलता तब दिखी, जब प्राप्त 314 आवेदनों में से 250 से अधिक का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया।
मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए। हर आवेदन का रिकॉर्ड ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से रखा जाए। ग्रामीणों को तहसील या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत न पड़े, इसलिए अधिकारी खुद गाँव पहुँच रहे हैं। जो आवेदन मौके पर नहीं सुलझ पाए, उन्हें समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

कुकरेल शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का सैलाब
कुकरेल सहित दरगहन, सलोनी, केरेगांव और भोथापारा जैसे 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में अपनी मांगें और समस्याएं लेकर पहुंचे। कुल 314 आवेदनों में से 306 आवेदन विकास कार्यों और व्यक्तिगत मांगों से संबंधित थे, जिनमें से 262 मांगों को तत्काल मंजूरी या प्रक्रिया में लिया गया। जल संसाधन, स्वास्थ्य,राजस्व, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टालों पर हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ सीधे लाभान्वित किया गया।
शिविर का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतों का निपटारा करना ही नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना भी है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सरल और सुलभ हो गई है। प्रशासन प्रत्येक आवेदन के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सुशासन तिहार के तहत जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।सुशासन तिहार का यह अभियान 10 जून तक अनवरत जारी रहेगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अगले शिविरों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, ताकि साय सरकार के सुशासन का लाभ हर घर तक पहुँच सके।

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