पिछले 3 वर्षों में उद्योगों में हुए हादसों में 296 मजदूरों ने गंवाई जान
रायपुर। राज्य में लगे उद्योगों में हुए हादसों में पिछले तीन वर्षों में 296 मजदूरों ने जान गंवाई और 248 घायल हुए हैं। यह जानकारी मार्च में विधानसभा में राज्य के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने दी थी। उन्होंने बताया था कि राज्य में 7,324 कारखाने संचालित हो रहे हैं। इनमे 948 खतरनाक और 32 अत्यंत खतरनाक श्रेणी के हैं। सरकार ने सुरक्षा मानकों, पीपीई किट और आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य बताई गई है।
मंगलवार को सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में हुआ हादसा 2009 के बालको के हादसे की याद दिला दी। जहाँ 40 मजदूरों की मौत हो गई थी । बालको प्लांट में 2009 में 240 मीटर ऊंची चिमनी गिरने से 40 श्रमिकों की मौत हो गई थी।
2006 बलौदाबाजार के रियल इस्पात प्लांट के डस्ट सेटलिंग चेंबर में धमाके से 7, 2025 सिलतरा में गोदावरी स्टील प्लांट की छत गिरने से 6, 2024 सरगुजा एलुमिनियम प्लांट में कोयले से भरा बेल्ट गिरने से 4, 2026 में रायगढ़ के मंगल कार्बन फैक्ट्री में विस्फोट में दो श्रमिकों और एक बच्ची, मार्च 2026 में बलौदाबाजार के स्वदेश मेटालिक प्लांट में 30 फीट की ऊंचाई से गिरने से एक श्रमिक, जून 2025 भिलाई स्टील प्लांट में 1000 किलो का जंबो बैग गिरने से एक महिला, मई 2024 बेमेतरा में स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड फैक्ट्री में हुए विस्फोट में एक की मौत और 6 घायल हो गए थे। अप्रैल 2026 बीएसपी के टर्बाइन में आग से सात कर्मचारी घायल हो गए थे और कई मजदूरों ने कूदकर जान बचाई थी।







