रेत माफियाओं ने वन अमले पर किया हमला, दो गंभीर

मुंगेली l अवैध रेत खनन पर कार्रवाई करने गए वन अमले पर रेत माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दियाl इसमें दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं । कलेक्टर कुंदन कुमार और डीएफओ अभिनव कुमार के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। यह मामला 10 अप्रैल की रात का है।
वन विभाग के अफसरों ने बताया कि खुड़िया वन परिक्षेत्र के सरगढ़ी परिसर में तैनात वन अमला अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर जंगल की ओर गया था। वन रक्षक अभिषेक बर्मन, योगेश बरेठ, देवेन्द्र बघेल और उनकी टीम जब भुक्खुनाला के पास पहुंची तो एक ट्रैक्टर अवैध रेत से भरा मिला। चालक राजकुमार यादव को मौके पर पकड़ा गया। टीम जंगल के भीतर और ट्रैक्टरों की तलाश में आगे बढ़ी, कुछ वाहन अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। टीम ने एक और ट्रैक्टर को पकड़ा और वापस लौटने लगी। भुक्खुनाला के पास अचानक कई लोग इकट्ठा हो गए। पहले बहस बढ़ते बढ़ते गाली-गलौज और वन विभाग की टीम को घेर लिया गया। “ट्रैक्टर क्यों ले जा रहे हो?”इस सवाल के साथ शुरू हुआ विवाद हिंसक हमले में बदल गया। आरोपियों ने वनकर्मियों को न सिर्फ पीटा, बल्कि कुछ समय के लिए बंधक भी बनाया। लाठी-डंडों, हाथ-मुक्कों से मारने के बाद जान से मारने की धमकियां दी गई। इसमें अभिषेक बर्मन के सिर, माथे और सीने पर गंभीर चोटें आईं, योगेश बरेठ के हाथ, पैर, गर्दन और आंख के पास गहरी चोटें आई है। अन्य कर्मियों को भी चोटें आईं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों, सरपंच चंदर तिलगाम और नरेश तिलगाम ने बीच-बचाव किया।
ग्रामीणों ने वन कर्मियों को आरोपियों के चंगुल से छुड़ा कर लोरमी अस्पताल पहुंचाया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद अभिषेक बर्मन को बिलासपुर रेफर किया गया। कलेक्टर कुन्दन कुमार और डीएफओ अभिनव कुमार के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।







