नर्सिंग काउंसिल रजिस्टार दुर्गावती सस्पेंड, यूनियन अध्यक्ष त्रिपाठी ने भ्रष्टाचार में लिप्त इंस्पेशन कमेटी अधिकारियों को भी बर्खास्त करने दिया बयान

रायपुर। छ ग प्रदेश में विगत पच्चीस वर्षों में नर्सिंग कॉलेजो की संख्या 150 तक पहुंच गई है। निजी नर्सिंग कॉलेजों को बिना इंडियन नर्सिंग काउंसिल के मान्यता के लगातार नर्सिंग काउंसिल रजिस्टार द्वारा मान्यता दिया जा रहा है। छत्तीगढ़ नर्सिंग। कॉलेज बजाज कालोनी रायपुर, लीलाज कॉलेज ऑफ नर्सिंग रायपुर, महाराणा प्रताप नर्सिंग कॉलेज रायपुर एवं धमतरी में ऐसे कॉलेज। है। जो। एक ही कैंपस। में दो कॉलेज चलाए। एसे ही कालोनी में आस पास कई वर्षों से भ्रमित करते हुए संचालित है। जो लगातार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे। स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता के खिलाफ जिनके पास न ही स्वयं का अस्पताल है और न ही स्वयं का कैंपस ऐसे कॉलेजों को नोटिस जारी करते हुए लगातार इंस्पेक्शन कमेटी मेंबर एवं रजिस्टार एवं अन्य संलिप्त अधिकारियों द्वारा मान्यता दिया जा रहा। निजी नर्सिंग कॉलेज इंस्पेक्शन सिर्फ दस्तावेज बेस पर मान्य किया जा रहा है। जो औचक निरीक्षण में वो शिक्षक स्टाफ फेकल्टी मिलेंगे ही नहीं। अगर न मिले तो अवकाश में है कह कर दूसरे स्टाफ को खड़ा कर नर्सिंग काउंसिल से सेटिंग भ्रष्टाचार कर मान्यता ली जाती है कॉलेजों के पास स्टूडेंट भी नॉनअटेंडेंस में शिक्षा ग्रहण कर रहे।जिनको प्रैक्टिकल। स्किल का कोई ज्ञान नहीं। यूनियन अध्यक्ष अजय त्रिपाठी ने स्वास्थ्य मंत्री जी इस संबंध में ज्ञापन दे कर निवेदन किया की इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना की जाए। जिससे नर्सिंग स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता को बरकरार रख सके। एवं स्वास्थ्य सचिव एवं डी एम ई से अपील सभी निजी नर्सिंग कॉलेज के शिक्षकों एवं स्टूडेंट्स की बायोमैट्रिक अटेंडेंस नियम लागू किया जाए। आयुष यूनिवर्सिटी वेबसाइट में कॉलेज के मान्यता, स्टाफ, फेकल्टी इंस्पेक्शन प्रोफार्मा की जानकारी सार्वजनिक की जाए। तभी नर्सिंग शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाया जा सकता है। जिन नर्सिंग कॉलेजों। को आई एन सी मान्यता नहीं देता उन कॉलेजों को नियम के खिलाफ गत वर्ष सेंट्रल इंडिया कॉलेज ऑफ नर्सिंग को भ्रष्टाचार कर मान्यता दी गई। जो। इस वर्ष अमान्य घोषित। कर दिया।अंत में अध्यक्ष ने बताया। की भ्रष्टाचार रजिस्टार द्वारा सात आठ महीना होने तक नर्सिंग छात्र छात्राओं अभ्यर्थियों का पंजीयन नहीं हो पा रहा। इसमें ऑनलाइन प्रक्रिया कर दस दिन के अंदर पंजीयन क्रमांक सर्टिफिकेट देने की व्यवस्था की जाए जिससे नर्सिंग अभ्यर्थियों को रोजगार हेतु फॉर्म भरने से वंचित न हो।







