गूगल के विशेषज्ञ प्राचार्यों को सिखाएंगे नई तकनीक, नए शिक्षा सत्र होंगे कई बदलाव: यादव

रायपुर। आज स्वामी आत्मानंद स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक सह कार्यशाला होने वाली है। इसमें गूगल के विशेषज्ञ प्राचार्यों को नई तकनीक से अवगत कराएंगे। .स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बैठक और कार्यशाला के संबंध में कहा कि शिक्षा गुणवत्ता को बेहतर करने पर जोर दिया है। एआई बेस्ड एजुकेशन आने वाला है, उसकी तैयारी में विभाग लगा हुआ है। आने वाले वक्त में बारहखड़ी से लेकर एआई तक की जानकारी बच्चों को रहेगी। ऐसे में एआई तकनीक से प्रशिक्षण देने आज गूगल के विशेषज्ञ आ रहे हैं।
शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि 15 अप्रैल से 15 जून तक शिक्षकों का प्रशिक्षण दिया जायेगा । 16 जून से जब बच्चे आए तो उसको सब आवश्यक संसाधन मिले, इसके लिए विभाग ने सभी तैयारियों को जारी रखा है।
प्राइवेट स्कूल की बुक्स को लेकर वेंडर की मनमानी पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि बहुत सारी संस्थाओं से शिकायत आई है। ज्यादा रेट में बेचने की शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है। जहां गड़बड़ी होगी, वहां कार्रवाई की जाएगी। सारे डीईओ जांच कर रहे हैं, कई जगह पर छापा पड़ा है। निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी सुनाई में भी आए तो स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करें।
12वीं बोर्ड के कल होने वाले हिंदी के पेपर की सुरक्षा को लेकर गजेंद्र यादव ने कहा कि जितनी सुरक्षा कर हम सकते हैं, हमने किया है। पिछली बार भी पेपर लीक नहीं हुआ था, सिर्फ शक के आधार पर किया गया था। इस बार हमने बहुत कड़ाई से सिस्टम तय किया है, कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी.
शिक्षा के अधिकार को लेकर प्राइवेट स्कूल की मांग पर मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि जो स्कूल वाले ऐसी बात करते हैं। जहां ज्यादा है, वहां क्यों देख रहे हैं। कई राज्य ऐसे हैं, जहां छत्तीसगढ़ से भी कम में हो रहा है। हमारे से आधे पैसे से काम हो रहा है। यह तर्क बिल्कुल सही नहीं है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि आने वाले शिक्षा सत्र में कई बदलाव की तैयारी है। स्कूलों में सहायक वाचन के साथ स्थानीय तीज-त्योहारों को शामिल किया जाएगा। प्रतिदिन राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान के साथ 2-3 मंत्रों का उच्चारण कराया जाएगा। हर दिन एक महापुरुष के जीवन पर 5 मिनट का व्याख्यान होगा। शनिवार को स्कूलों में लोकल खेल और तीज-त्योहार मनाए जाएंगे। योगा, गार्डेनिंग और हाउसकीपिंग जैसी गतिविधियां भी शामिल होंगी। स्कूल मंदिर स्वरूप है, उसी भावना से काम करेंगे।







