शिक्षा की गुणवत्ता परखने उतरे अधिकारी — कलेक्टर, एसएसपी और डीएफओ ने किया पीएमश्री विद्यालयों का निरीक्षण

सूरजपुर। जिले में पीएम श्री विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं को परखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी स्वयं विद्यालयों में पहुंचे और निरीक्षण किया। कलेक्टर से लेकर पुलिस प्रमुख और वन विभाग आला अधिकारी तक — सभी ने मैदान में उतरकर शिक्षा व्यवस्था का सीधा जायजा लिया। केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम श्री योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इस क्रम में सूरजपुर जिले से कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत कुमार ठाकुर एवं डीएफओ श्री डी. पी. साहू को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

सूरजपुर विकासखंड अंतर्गत पीएम श्री जयनगर का निरीक्षण कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने किया। उन्होंने विद्यालय में सेचुरेशन के 24 निर्धारित बिंदुओं की बारीकी से समीक्षा की, कमियों को चिन्हित किया और प्राचार्य को आवश्यक सुधार हेतु स्पष्ट निर्देश दिए। इसी क्रम में सूरजपुर विकासखंड के पीएम श्री प्राथमिक शाला राजापुर का निरीक्षण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने किया। ओडग़ी विकासखंड अंतर्गत पीएम श्री सेजस ओडगी का निरीक्षण डीएफओ श्री डी. पी. साहू ने किया।
जिले के कलेक्टर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व डीएफओ का विद्यालय निरीक्षण हेतु स्वयं पहुंचना प्रशासन की शिक्षा के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। तीनों विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान डीएमसी समग्र शिक्षा श्री मनोज कुमार साहू, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सूरजपुर श्री हरेंद्र सिंह, खंड स्रोत समन्वयक श्री मनोज मंडल एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि 31 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित 50वीं प्रगति बैठक में पीएम श्री विद्यालयों के निरीक्षण हेतु संयुक्त सचिव स्तर एवं उससे वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित करने के निर्देश दिए गए थे। उसी के अनुपालन में यह निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। पीएम श्री योजना के अंतर्गत चयनित इन विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब, अटल टिंकरिंग लैब एवं बेहतर खेल सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण एवं अनुभवात्मक शिक्षा प्रदान की जा रही है। जिला प्रशासन के इस निरीक्षण अभियान का उद्देश्य इन विद्यालयों को आसपास के स्कूलों के लिए रोल मॉडल के रूप में स्थापित करना है।







