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सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शोध व विकास के लिए गोवा और छत्तीसगढ़ के मध्य होगा एमओयू

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रायपुर। गोवा राज्य के जनजातीय विकास, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माननीय मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर ने आज छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और गौरव की झलक देखी। उन्होंने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का भ्रमण कर जनजातीय कला, संस्कृति, रीति-रिवाज एवं जनजातीय शौर्य के जीवंत प्रदर्शन को देखकर वे अत्यंत प्रभावित हुए।
गोवा के जनजातीय विकास मंत्री डॉ. तावड़कर ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। संग्रहालय में जनजातीय शौर्य के जीवंत प्रदर्शन एवं बड़े पैमाने पर किए गए डिजिटलीकरण ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि गोवा राज्य में भी जनजातीय समुदाय का समृद्ध इतिहास रहा है, परन्तु छत्तीसगढ़ की तरह इसका व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया है। इस मौके पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए कहा कि वर्ष 2003 में उनके कार्यकाल के दौरान ही गोवा में निवासरत जनजातीय समुदाय को पहली बार औपचारिक मान्यता प्राप्त हुई थी।

नवा रायपुर स्थित डिजिटल संग्रहालय का किया भ्रमण

डॉ. तावड़कर ने कहा कि गोवा एवं छत्तीसगढ़ के मध्य जनजातीय शोध, विकास एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बेहतर आदान-प्रदान की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिनिधिमंडल को गोवा भ्रमण हेतु आंमत्रित भी किया। इस मौके पर गोवा राज्य के संचालक खेल डॉ. अजय कुमार गोड़े, आदिम जाति विभाग गोवा के संचालक श्री निलेश डाऐगोडकर, संचालक टीआरआई गोवा श्री पी. गांओकर, ओएसडी श्री राजेन्द्र बोरकर, वरिष्ठ अधिकारी श्री अर्जुन रामकृष्ण पाटिल, श्री जनक टेकाले, श्री मृकुंद नायक तुब्की, श्री अशोक अरविन्द काले एवं श्री राजेन्द्र दताजीराव भी मौजूद थे।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शोध एवं विकास हेतु गोवा एवं छत्तीसगढ़ के मध्य शीघ्र होगा एमओयू – प्रमुख सचिव बोरा
संग्रहालय भ्रमण के उपरांत टीआरआई के सभागार में एक संक्षिप्त बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें दोनों राज्यों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा द्वारा पीपीटी के माध्यम से दोनों संग्रहालयों के निर्माण कार्य, उनकी विशेषताओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गोवा एवं छत्तीसगढ़ के मध्य शीघ्र ही एक एमओयू किया जाएगा, जिससे जनजातीय संग्रहालय निर्माण, जनजातीय शोध, विकास सांस्कृतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग स्थापति हो सकेगा। बैठक में संस्थान की संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम ने जनजातीय संस्कृति के क्षेत्र में बन रहे ट्राईबल फोक म्यूजिक स्टूडियो सुरगुड़ी पर जानकारी दी।

नवा रायपुर स्थित डिजिटल संग्रहालय का किया भ्रमण
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय शौर्य को प्रदर्शित करता शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय का लोकार्पण राज्योत्सव के समय 01 नवंबर 2025 को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर कमलों से हुआ था, जबकि छत्तीसगढ़ अदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण मई 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कर कमलों से हुआ। इनके लोकार्पण के बाद इन्हें आमजन हेतु खोल दिया गया है। अब तक लगभग 02 लाख से अधिक पर्यटकों, शोधार्थियों, विशेषज्ञों द्वारा इसका भ्रमण किया जा चुका है।
भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी, 2026 के अवसर पर आयोजित परेड में शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय की प्रतिकृति को प्रदर्शित किया गया। इससे छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में जनजातीय वीर नायकों की अमर गाथाओं, उनकी देश भक्ति, अदम्य साहस और बलिदान की परंपरा को नई पीढ़ी को जानने समझने का अवसर राष्ट्रीय मंच पर प्राप्त हुआ।

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