ChhattisgarhRegion

राम जन्म से पहले हुई मां कौशल्या की गोदभराई

Share

रायपुर। प्राचीन हनुमान मंदिर तात्यापारा में राम जन्मोत्सव के पूर्व नवरात्र की पंचमी पर माता कौशल्या की गोदभराई की रस्म अदायगी की गई। इस परंपरा का निर्वहन सदियों से किया जा रहा है। राम जन्मोत्सव से पूर्व यह रस्म मातृत्व का प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर महिलाओं ने हल्दी-कुंकू के साथ श्री हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्तोत्र का सामूहिक पाठ भी किया।
महाराष्ट्र मंडल के सखी निवास की प्रभारी और हनुमान मंदिर समिति की कार्यकारिणी सदस्?य नमिता शेष ने बताया कि माता कौशल्या का श्रृंगार उसी तर्ज पर किया गया, जैसा आज कल हम लोग अपने बेटियों और बहुओं की गोदभराई में करते हैं। बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने माता की गोदभराई की रस्म पूरी की। नमिता के अनुसार जब वे छोटी थी, तो वो अपनी दादी के साथ यहां आकर यह परंपरा देखा करती थीं। नमिता के अनुसार गोदभराई रस्म के दौरान महिलाएं अपने- अपने घरों से स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर लाईं थीं। जिसे माता कौशल्या को अर्पित किया गया। महाराष्ट्रीयन परिवार में नवरात्रि की पंचमी से आम पन्?हा के सेवन की शुरुआत की जाती है।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button