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अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई करते विशैली गैस से तीन कर्मियों की मौत, हॉस्पिटल प्रबंधन ने की 30-30 लाख मुआवजे की घोषणा

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रायपुर।
बुधवार की सुबह राजधानी के एक निजी अस्पताल रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय विषैली गैस की चपेट में आने से तीन सफाई कर्मचारियों की दम घुटने से मौत हो गई। जिसकी प्रारंभिंक जांच शुरु हो गई है लेकिन इसी बीच अस्पताल प्रबंधन ने बड़ा निर्णय लेते हुए मृतक परिवारों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा के साथ ही इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।


उल्लेखनीय हैं कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में मंगलवार की रात में नियमित सेप्टिक टैंक साफ – सफाई का कार्य संबंधित ठेका कंपनी के द्वारा किया जा रहा था। मृतक गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार उक्त ठेका कंपनी में कार्य करते थे और सफाई के लिए मंगलवार की देर रात सेप्टिक टैंक में उतरे थे। इसी दौरान टैंक के अंदर विषैली गैस की चपेट में जाने के बाद दो सफाई कर्मियों ने टैंक के अंदर की दम तोड़ दिया जबकि तीसरे कर्मचारी प्रशांत को तत्काल आईसीयू में इलाज के लिए भर्ती किया गया जहां उपचार के दौरान उसने भी दमतोड़ दिया। तीनों मृतक सिमरन सिटी के रहने वाले थे। हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन तत्काल अस्पताल पहुंचे और इस घटना से काफी दुखी और व्यथित थे जिन्हें अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ के द्वारा उन्हें ढांढस बंधाया गया।


अस्पताल परिसर में हुए इस हादसे पर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर और वरिष्ठ सर्जन डॉ संदीप दवे ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना से सभी हतप्रभ है। घटना की जाँच के लिए रामकृष्ण केयर प्रबंधन प्रशासन के साथ पूरा सहयोग कर रहा है। उन्होंने पीडि़त परिजनों से अपील की कि धैर्य बनाए रखे,शासन-प्रशासन की जाँच में सब-कुछ साफ हो जाएगा। डॉ संदीप दवे ने कहा कि रामकृष्ण अस्पताल प्रबंधन नियम कायदे का पूरी तरह से परिपालन सुनिश्चित करता है, यहाँ मरीजों और उनके परिजनों को उच्चतम स्तर की सुविधाएँ प्रदान की जाती है,जो मानकों के अनुरूप है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से साफ़ किया गया कि नियमों के तहत ठेका कंपनी के साथ अस्पताल परिसर में साफ-सफाई का करार किया गया था।
इस घटना के बाद रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए शोक सभा का आयोजन किया गया जिसमें प्रबंधन, सभी वरिष्ठ चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ ने दुख व्यक्त करते हुए मृतकों की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। इसके साथ ही रामकृष्ण अस्पताल प्रबंधन ने तीनों मृतक के परिजनों को 30-30 लाख रुपये के मुआवजे का एलान किया।

पुलिस ने अपनी जांच की कार्रवाई शुरु कर दी और तीनों शवों का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए अंबेडकर अस्पताल भेज दिया गया जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए उनके बयान दर्ज किए है। जांच की प्रक्रिया अभी जारी है।

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