अशोक कुसरे के नेत्रों से दो नेत्रहीन देख सकेंगे दुनिया

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के देहदान- नेत्रदान महादान अभियान के प्रभारी विक्रम हिशीकर के प्रेरक प्रयास से मंडल के आजीवन सभासद तात्यापारा स्थित कुसरे बाड़ा निवासी अशोक कुसरे के निधन के उपरांत उनके बेटा- बहू ने उनका नेत्रदान कराया। इस महादान पहल से अब अशोक कुसरे के नेत्रों से दो नेत्रहीन इस दुनिया को देख सकेंगे।
अशोक की पुत्रवधू, महाराष्ट्र मंडल की सभासद और संत ज्ञानेश्वर स्कूल की शिक्षिका अस्मिता कुसरे ने बताया कि सोमवार को दोपहर दो बजे ससुर के निधन पर जब पूरा परिवार शोक संतप्त था, तो इसी बीच विक्रम ने सुझाव दिया कि पिता की आंखें यदि तत्काल निर्णय लेकर दान की जाएं, तो इससे दो नेत्रहीन बच्चे दुनिया देख सकेंगे। इस सुझाव पर कुसरे परिवार सहमत होकर नेत्रदान करने के लिए तैयार हुआ। इस तरह एमजीएम नेत्र संस्थान रायपुर में अशोक बाला साहेब कुसरे का नेत्रदान कराया गया।
मंडल के देहदान- नेत्रदान महादान अभियान के प्रभारी विक्रम ने सभी सदस्यों और जन सामान्य से अपील की है कि ऐसे कार्यों से प्रेरित होकर न सिर्फ लोगों को देहदान व नेत्रदान के लिए प्रेरित करें, बल्कि स्वयं भी नेत्रदान का फार्म भरकर दूसरों के लिए मिसाल बनें। बताते चलें कि महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले 41 साल देहदान और नेत्रदान का फार्म भरकर पहले ही इसके लिए संकल्पबद्ध हैं।







