
रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में “100 वर्ष की संघ यात्रा- नए क्षितिज, नए आयाम” विषय पर आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी और संवाद कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने अपने मार्गदर्शन से सभा को संबोधित किया। यह कार्यक्रम देहरादून के हिमालयन कल्चरल सेंटर में आयोजित हुआ, जिसमें कई सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. भागवत ने संघ के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि संघ की किसी से प्रतिस्पर्धा नहीं है। राष्ट्र सशक्त होगा, तो राष्ट्रवासी भी सशक्त होंगे। यदि राष्ट्र दुर्बल होगा, तो व्यक्ति अपने ही देश में सुरक्षित नहीं रह पाएगा। संघ का उद्देश्य व्यक्ति निर्माण है, क्योंकि सशक्त व्यक्ति से ही सशक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण होता है।







