सहभागी लापरवाही साबित न कर सकी बीमा कंपनी, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुआवजा प्रकरण में बीमा कंपनी की अपील खारिज करते हुए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा मृतक के परिजनों को दिए गए 53.40 लाख रुपये के मुआवजे को बरकरार रखा। यह अपील United India Insurance Company Limited द्वारा दायर की गई थी, जिसमें कंपनी ने दावा किया था कि दुर्घटना में मृतक की भी सहभागी लापरवाही थी। मामला 4 दिसंबर 2021 का है, जब जयमंगल राजवाड़े अंबिकापुर से कोरबा जाते समय बांगो थाना क्षेत्र में सामने से आ रही एक तेज और लापरवाही से चल रही कार की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मृत्यु हो गई। मृतक की पत्नी और बच्चों ने उनकी आय 35,000 रुपये प्रतिमाह बताते हुए मुआवजे की मांग की थी। न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय ने सुनवाई के दौरान कहा कि बीमा कंपनी सहभागी लापरवाही का कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी और केवल आमने-सामने की टक्कर के आधार पर दोष साझा नहीं माना जा सकता। एफआईआर और अन्य दस्तावेजों से स्पष्ट है कि मृतक अपनी लेन में वाहन चला रहे थे, इसलिए अदालत ने अधिकरण के निर्णय को सही और न्यायसंगत ठहराते हुए अपील खारिज कर दी।







