मवेशी परिवहन केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जब्त ट्रक लौटाने के निर्देश

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने मवेशी परिवहन से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए जब्त मिनी ट्रक को वाहन मालिक को अंतरिम सुपुर्दगी (सुपुर्दनामा) पर देने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि केवल मवेशियों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर परिवहन, जब तक वह वध (स्लॉटर) के उद्देश्य से न हो, अपराध नहीं माना जा सकता। मामले के अनुसार 20 अक्टूबर 2025 की रात थाना नांदघाट, जिला बेमेतरा पुलिस ने एक टाटा आइशर मिनी ट्रक (सीजी 15 डीजेड 8001) को जब्त किया था, जिसमें 16 मवेशियों को रस्सियों से बांधकर अत्यधिक भीड़ और अमानवीय स्थिति में ले जाने का आरोप था। इस पर छत्तीसगढ़ कृषि पशु संरक्षण अधिनियम, 2004, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। वाहन के पंजीकृत मालिक शिवेंद्र यादव ने सुपुर्दनामा के लिए आवेदन किया, जिसे निचली अदालतों ने खारिज कर दिया, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि वह वाहन का वैध मालिक है, स्वयं आरोपी नहीं है और उसे







