धर्मांतरण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, भाजपा और कांग्रेस में सियासी वार-पटलवार

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में ग्राम सभाओं को ईसाई धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर रोक लगाने के अधिकार में कानूनी जीत दिलाई है। कांकेर जिले सहित कई पंचायतों के प्रवेश द्वारों पर लगाए गए बोर्डों में धर्मांतरण पर रोक का उल्लेख था, जिसे चुनौती देने वाले ईसाई धर्म प्रचारक समुदाय की याचिका उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दी। कोर्ट ने ग्राम सभाओं के फैसले को वैध मानते हुए यह स्पष्ट किया कि वे अपनी परंपरा और सामाजिक संरचना के संरक्षण के लिए ऐसा कर सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बयानों ने सियासी बहस को और गरमा दिया है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सार्वजनिक रूप से धर्म प्रचार करने का न्योता दिया, जबकि कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बीजेपी पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। यह मामला ग्राम सभाओं के अधिकार और धर्मांतरण विरोधी कानूनों के बीच संतुलन का उदाहरण बन गया है।







