गोपाल भार्गव 20 साल मंत्री रहे, अब भी सम्मान नहीं मिला

गोपाल भार्गव, जो पिछले 40 वर्षों से विधायक और 20 साल तक मंत्री रहे, अब मोहन कैबिनेट में जगह नहीं पा सके। सागर में एक कार्यक्रम में उन्होंने अपने राजनीतिक संघर्ष और अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज के दौर में लोग 20 महीने भी नहीं टिक पाते, जबकि उन्होंने 20 साल कठिन परिस्थितियों का सामना किया।
उन्होंने खुलासा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उन्हें कांग्रेस में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। उनका कहना था, “यह माल टिकाऊ है, बिकाऊ नहीं,” और उन्होंने हमेशा सिद्धांतों की राजनीति की। लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद अपेक्षित सम्मान न मिलना उनके लिए पीड़ा का कारण है।
गोपाल भार्गव सागर जिले की रहली विधानसभा से लगातार नौ बार विधायक चुने गए और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वे पूर्व में लोक निर्माण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा था कि “हर जगह सिर्फ ब्राह्मणों को ही टारगेट किया जा रहा है,” जिससे प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल मची।







