इंद्रावती टाइगर रिजर्व बीजापुर में बाघ आंकलन का 6 वां चरण हुआ शुरू

बीजापुर । इंद्रावती टाइगर रिजर्व बीजापुर में बाघ आंकलन का 6 वां चरण शुरू हो गया है। इसमें बाघों की पहचान और गणना अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई तकनीक में पगमार्क, मल एवं मूवमेंट से हो रही है। पहले जहां यह काम कैमरा ट्रैप और मानव विश्लेषण पर निर्भर था, वहीं अब मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग मॉडल्स की मदद से हर बाघ की धारियों के विशिष्ट पैटर्न से उसकी डिजिटल पहचान बनाई जा रही है। यह प्रणाली न केवल गणना को सटीक बनाएगी, बल्कि शिकारियों की गतिविधियों पर भी वास्तविक समय में नजर रखेगी। हाल के महीनों में नक्सली गतिविधियों में कमी और सुरक्षाबलों की गश्त बढ़ने से, वर्षों बाद वनकर्मी इंद्रावती टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र तक पहुंच पा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इंद्रावती टाइगर रिजर्व अब सक्रिय संरक्षण के नए दौर में है। यहां कैमरा ट्रैप में बाघों और उनके शावकों की नई तस्वीरें सामने आई हैं। अब एआई आधारित पहचान प्रणाली से हर बाघ का डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है । वन विभाग स्थानीय युवाओं को इको-वारियर के रूप में प्रशिक्षित कर रहा है, जो पगमार्क, स्कैट (मल) और मूवमेंट जैसी सूचनाएं मोबाइल एप के जरिए साझा कर रहे हैं, ताकि फील्ड डेटा तुरंत विश्लेषण के लिए उपलब्ध हो सके। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने वन्यजीव संस्थान (डब्लूआइआइ) और वन विभाग के सहयोग से 2018 में पहली बार गणना में एआइ तकनीक का उपयोग किया था। उस समय यह केवल कैमरा ट्रैप छवियों की पहचान और डेटा संग्रह तक सीमित था, अब 2025 में यह तकनीक अत्यधिक विकसित हो चुकी है। आधुनिक एआइ मॉडल अब व्यक्तिगत बाघ पहचान, प्रेडिक्टिव मॉडलिंग, गश्त मार्ग सुझाव और अपराध पूवार्नुमान जैसी क्षमताओं के माध्यम से संरक्षण को तेज, स्मार्ट और कारगर बना रहे हैं।
इंदावती टाइगर रिजर्व बीजापुर के निवेशक संदीप बलगा ने बताया कि जनवरी 2026 से इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाधों की पहचान और गणना का कार्य शुरू हो गया। एआइ अब केवल डेटा नहीं पढ़ता, बल्कि जंगल की भाषा समझने लगा है। यह मॉडल शिकार की पुरानी घटनाओं, मौसम, पर्यावरणीय कारकों और मानव गतिविधियों का विश्लेषण कर यह अनुमान लगाता है, कि भविष्य में किस क्षेत्र में शिकार की आशंका अधिक है। बाघों की गणना के लिए रिजर्व के 133 बीट में अधिकारी, कर्मचारी जुटे हुए हैं।
इन्द्रावती टायगर रिजर्व जगदलपुर (वन्यजीवन) के क्षेत्रीय निदेशक एवं मुख्य वन संरक्षक स्टायलो मंडावी ने बताया कि बाघ आंकलन के 6 वें चरण में इंद्रावती टाइगर रिजर्व में शुरू किया गया है। आईटीआर में लगभग 8 बाघ होने की संभावना है, और गणना से इसकी संख्या बढ़ेंगी। गणना में सबसे पहले बाघों के पैरों के निशान, मल और पेड़ों पर उनके निशान इकट्ठा कर रहे हैं।
राकेश पांडे







