स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी का कहर, गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ी

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल का संकट लगातार लोगों की जान ले रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, एक महीने से अधिक समय से बीमार चल रही 65 वर्षीय अनीता कुशवाह की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि दूषित पानी पीने के कारण उनकी हालत गंभीर हो गई थी। इस घटना के साथ ही दूषित पानी से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बढ़कर 32 हो गया है।
इस मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज इलाज के बाद ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, लेकिन तीन मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से दो की हालत आईसीयू में गंभीर बनी हुई है। बस्ती में पानी का संकट गहराया हुआ है। नगर निगम ने अभी तक केवल 30 प्रतिशत इलाके में नई नर्मदा लाइन बिछाई है, जबकि बाकी बस्ती टैंकरों पर निर्भर है। दूषित पानी के खतरे के कारण लोग नल या टैंकर का पानी पीने से डर रहे हैं। जो लोग सक्षम हैं, वे बाहर से पानी खरीदकर उपयोग कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग उबला या RO पानी ही पीने पर मजबूर हैं।







